Tuesday, January 13, 2026

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा,सीएम बीरेन सिंह के घर पर हमले के बाद सिविल सोसायटी ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम

 Manipur Violence : मणिपुर में एक बार फिर से हिंसा की आग शुरु हो गई है. इस बार मणिपुर से लापता हुए 6 लोगों के शव नदी मे मिलने से मैतई समुदाय के लोग भड़क गये हैं और शनिवार देर रात नाराज प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के आवास पर घुस कर हमला करने की कोशिश की.

 Manipur Violence : सिविल सोसायटी ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

मणिपुर के सिविल सोसाइटी ग्रुप ने सशस्त्र उग्रवादी समूहों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है.मणिपुर में उस समय से हिंसा एक बार फिर से भड़क गई है, जब 6 लोगों के शव एक साथ नदी मे तैरते हुए मिले. मृतकों में एक बच्चा और दो महिलाएं भी शामिल हैं. शवों को देखकर कर लोगों का गुस्सा भड़क गया और नाराज लोगों ने सीएम आवास पर हमला बोल दिया. घटना जिरीबाम जिले में हुई.

बंधक बनाए लोगों के शव मिलने से बढ़ा तनाव

जिन लोगों के शव नदी में मिले हैं,उनके बारे में जानकारी है कि वे लोग बीते सोमवार से लापता थे. उन्हें बंधक बना कर रखा गया था. बाद में इन बंधकों को मार कर नदी में फेंक दिया गया. इन बंधकों में 8 महीने का एक मासूम बच्चा शामिल है .

इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव फैल गया है और मैतयी समुदाय का आक्रोश उफान पर है. इस बीच सुरक्षा बलों के साथ कुकी समुदाय के लोगों की झड़प हुई, जिसमें हुई गोलीबारी में 10 सशस्त्र कुकी मारे गए थे. इस घटना के बाद से मैतई नागरिक अधिकार समूह ने मणिपुर इंटीग्रिटी पर समन्वय समिति (COCOMI) की तरफ से कहा है कि सरकार को सभी प्रतिनिधियों और सभी विधायकों को मिलकर संकट को जल्दी से जल्दी हल करने की कोशिश करनी चाहिये. सिविल सोसायटी की तरफ से कहा गया कि अगर सरकार मणिपुर के लोगों के हिसाब से कोई फैसला नहीं लिया जाता है, तो उन्हें लोगों के असंतोष  का सामना करना पड़ेगा. समन्वय समिति ने केंद्र सरकार को सभी सशस्त्र समूहों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.

मणिपुर में क्यों बढ़ा लोगों का गुस्सा ?

मणिपुर में लगातार जारी हिंसा के बीच केंद्र सरकार ने 6 पुलिस थाना क्षेत्रों में विशेष अधिकार प्राप्त सशस्त्र बल को AFSPA के अंतर्गत लागू किया है, जिसकी आलोचना हो रही है. मणिपुर की सिविल सोसयटी ग्रुप का तर्क है कि AFSPA  के तहत सुरक्षा बलों को अधिकार देने के कारण  यहां के लोकल लोगों के बीच सुरक्षा बलों के प्रति अविश्वास और गुस्सा बढ़ा है. COCOMI समूह ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि सरकार उग्रवादियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करे और AFSPA को हटाया जाये. सोविल सोसयटी के प्रवक्ता अथौबा ने चेतावनी दी कि 24 घंटे के अंदर अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो जनता का विरोध और कड़ा होगा.

Latest news

Related news