TamilNadu Cong–TVK Alliance चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐसा ऐतिहासिक मोड़ आया है जिसने राज्य की सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है. विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद, कांग्रेस ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के साथ अपना वर्षों पुराना गठबंधन खत्म करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है. कांग्रेस अब राज्य में सरकार बनाने के लिए अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के साथ हाथ मिलाया है.
#WATCH | Tamil Nadu Congress leaders hand over the letter of support to TVK chief Vijay at the TVK Headquarters in Chennai.
Tamil Nadu Congress Committee and the Congress Legislative Party (CLP) has decided to extend its full support to the TVK to form the government.… pic.twitter.com/1Bi3Ik06Ky
— ANI (@ANI) May 6, 2026
कॉंग्रेस के साथ मिलकर बनायेंगे सरकार
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने सबको चौंका दिया है, जहाँ विजय की पार्टी टीवीके (TVK) सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है. राज्य में नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच कांग्रेस का यह फैसला डीएमके के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जनमत का सम्मान करते हुए वे टीवीके के साथ मिलकर राज्य में एक नई और प्रगतिशील सरकार का मार्ग प्रशस्त करेंगे.
आपको बता दें कि तमिलनाडु के 234 सीटों वाली विधानसभा के लिए हुए चुनाव में इस बार एक्टर टर्न पॉलिटिशियन विजय की पार्टी टीवीके को 108 सीटें मिली है और ये राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.DMK को 59 सीटें, AIADMK को 47 सीटें और कांग्रेस को 5 सीटें मिली हैं. राज्य में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों की जरुरत होगी.
गठबंधन की घोषणा और कांग्रेस का रुख
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडणकर ने एक प्रेस रिलीज जारी कर इस नए गठबंधन की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि टीवीके अध्यक्ष विजय ने औपचारिक रूप से कांग्रेस से समर्थन मांगा था. कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी की अहम बैठक के बाद यह फैसला लिया गया कि राज्य के युवाओं और जनता के जनादेश को देखते हुए टीवीके को समर्थन दिया जाए.
कांग्रेस ने समर्थन के लिए रखी यह ‘बड़ी शर्त’
हालांकि कांग्रेस ने टीवीके को ‘पूर्ण समर्थन’ देने की बात कही है, लेकिन इसके साथ एक कड़ी शर्त भी जोड़ी गई है. कांग्रेस ने साफ किया है कि इस नए गठबंधन में किसी भी ऐसी ‘सांप्रदायिक ताकत’ को जगह नहीं दी जाएगी, जो भारत के संविधान और इसके मूल्यों में विश्वास नहीं रखती हो. पार्टी का उद्देश्य एक धर्मनिरपेक्ष और जन-कल्याणकारी सरकार सुनिश्चित करना है.
सिर्फ सरकार बनाने तक सीमित नहीं है दोस्ती
कांग्रेस और टीवीके के बीच हुआ यह समझौता केवल वर्तमान सरकार के गठन तक सीमित नहीं है. प्रेस रिलीज के अनुसार, दोनों पार्टियां भविष्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव और राज्यसभा चुनावों में भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगी. यह गठबंधन पेरियार, डॉ. बी.आर. अंबेडकर और कामराज के आदर्शों पर चलते हुए सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ाने का संकल्प लेता है.
‘इंडिया ब्लॉक’ के भविष्य पर उठे सवाल
कांग्रेस के इस कदम ने न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या केंद्र में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ (INDIA Block) में कांग्रेस और डीएमके का साथ बना रहेगा? हालांकि अभी तक इस मुद्दे पर दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन तमिलनाडु के इस घटनाक्रम ने दिल्ली तक की सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है.

