कोलकाता आरजी कार मेडिकल कॉलेज हत्याकांड मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई,सीजेआई ने पूछा प्रिंसिपल का घर अस्पताल से कितनी दूर?

Supreme court RG Kar Death Case : कोलकाता के आरजी कार मेडिकल कॉलेज में लेडी डॉक्टर के साथ हुए जघन्य कांड और हत्या के मामले में आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार ने  हत्या की वारदात के बाद अस्पताल में हुई तोड़ फोड़ के मामले में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी, वहीं सीबीआई ने भी अब तक हुई जांच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी.

Supreme court RG Kar Death Case :सीजेआई ने पूछे कई सवाल 

सुप्रीम कोर्ट में आरजी कार मेडिकल कॉलेज मामले की जांच चीफ जस्टिस डीवीई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ कर रही है. मामले में पश्चिम बंगाल की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए,वहीं सीबीआई की तऱफ से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दिया.

चीफ जस्टिस की बेंच के सीबीआई और बंगाल सरकार ने बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंपी. बंगाल सरकार की तरफ से जानकारी देते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि हमने जो स्टेटस रिपोर्ट सौंपी है. ये रिपोर्ट बंगाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आई है.इस रिपोर्ट में कहा गया है कि डाक्टरों की हड़ताल की वजह से इलाज के अभाव में 23 लोगों की मौत हो गई.

सीबीआई के वकील ने क्या कहा ?

सीबीआई की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पूछा कि पश्चिम बंगाल सरकार आखिर सीबीआई से क्या छिपाना चाहती है? राज्य सरकार की तऱफ से सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है लेकिन सीबीआई को इसकी कॉपी नहीं मिली है .

पश्चिम बंगाल सरकार का सुप्रीम कोर्ट में जबाव

पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से उनके वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि हमने अभी जवाब की कॉपी  केवल कोर्ट में जमा की है, सीबीआई को अभी तक कॉपी नहीं दी गई है.सिब्बल ने कहा कि डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से अस्पताल में 23 लोगों की इलाज के अभाव में मौत हो गई.

सीबीआई के वकील सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा कि हमारे पास जो फॉरेंसिक रिपोर्ट है.उसके मुताबिक डेड बॉडी सुबह 9.30 बजे मिली थी. जिस समय डेडबॉडी मिली वो अर्द्धनग्न अवस्था में थी. शरीर पर गहर चोट के निशान थे. ये बेहद गंभीर मामला है, इसके बाद सीबीआई ने तय किया कि शव और घटनास्थल से मिले सैंपल्स एम्स को भेजे जाएं. ऐसे में ये जनना जरुरी है कि  सैंपल किसने और कैसे लिए हैं ?

सुप्रीम कोर्ट के सीबीआई से बंगाल सरकार से सवाल

स्टेटस रिपोर्ट देखने के बाद सीजेआई ने बंगाल सरकार के वकील से पूछा कि कॉलजे से प्रिंसिपल संदीप घोष का घर कितनी दूरी पर था ?

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि उनका घर अस्पताल से करीब  15-20 मिनट की दूरी पर है.

सीजेआई डीवाय चंद्रचूड़ – अप्राकृतिक मौत का समय क्या था? अप्राकृतिक मौत की एंट्री कब हुई थी ?

कपिल सिब्बल – मृत्यु प्रमाण पत्र 1.47 मिनट पर मिला, रात 2.55 बजे अप्राकृतिक मौत के संबंध में एंट्री दर्ज हुई.

सीजेआई डीवाय चंद्रचूड़ – एंट्री दर्ज करने में इतना समय क्यों लगा ? तलाशी और बरामदगी कब हुई?

बंगाल सरकार के वकील कपिल सिब्बल – रात 8.30 बजे बॉडी की बरामदगी हुई,  जब बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया तब से प्रक्रियाएं शुरू हुई. पुलिस ने इससे पहले वहां की फोटोग्राफी का काम पूरा किया.

सुप्रीम कोर्ट – कोलकाता पुलिस ने 8:30 से 10:45 तक की पूरी फुटेज सीबीआई को सौंप दी है?

सॉलिसिटर जनरल मेहता – हां हमें मिल गई है. कुल 4 क्लिपिंग्स हैं जो 27 मिनट की अवधि की हैं.

सुप्रीम कोर्ट – FIR कब दर्ज हुई है ?

कपिल सिब्बल – दोपहर 2.55 बजे FIR दर्ज हुई, जबकि डेथ सर्टिफिकेट दोपहर 1.47 बजे दिया गया.

सुप्रीम कोर्ट – हमें अप्राकृतिक मौत के मामले में स्पष्टीकरण चाहिए

CBI को एक जांच के लिए एक हफ्ते का और समय मिला

मामले में सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई को जांच के लिए और एक हफ्ते का वक्त दिया है. सीजेआई डीवाय चंद्रचूड़ ने कहा कि सीबीआई ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी है. मामले मे जांच आगे बढ़ रही है.  सीबीआई को नई स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश देते हैं. मामले की अगली सुनावई मंगलवार यानी 17 सितंबर को होगी.

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