Supreem Court On NEET Exam : NEET-UG परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द करके दोबारा परीक्षा कराने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि पूरे देश में परीक्षा के पेपर लीक होने के ठोस सबूत नहीं हैं, ऐसे में पूरे देश में परीक्षा रद्द करने की मांग ठीक नहीं है .पूरे देश में परीक्षा रद्द करने से 24 लाख छात्रों पर असर पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक प्रश्न को लेकर उठे सवाल के जवाब के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों ने आज कोर्ट में विवादित सवाल का जवाब कोर्ट को सौंपा , जिसमें ऑप्शन 4 को सही उत्तर माना गया. मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ , जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि यह सही है कि परीक्षा के पेपर हजारीबाग और पटना से लीक हुए हैं, इसमे कोई विवाद नहीं है.सुनवाई के दौरान ये भी कहा गया कि ये कैसे तय होगा कि लीक प्रश्न पत्र हजारीबाग और पटना से व्हाट्स ऐप को जरिये नहीं भेजा गया होगा ?
Supreem Court On NEET Exam : विवादित सवाल का IIT ने दिया जवाब
पिछली सुनवाई में सोमवार को शीर्ष कोर्ट ने IIT DELHI के निदेशक को नीट प्रवेश परीक्षा के दौरान विवादित प्रश्न के जवाब में सही उत्तर पर एक राय बनाने के लिए विषय के 3 विशेषज्ञों की टीम बनाने के लिए कहा था. अदालत ने IIT DELHI के निदेशक को आज यानी मंगलवार 12 बजे तक सही जवाब के बारे में अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया था.
पूरे देश में पेपर लीक के पुख्ता सबूत नहीं- सुप्रीम कोर्ट
सोमवार को नीट यूजी में अनियमितता से आरोपों पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NEET Paper Leak पूरे देश में फैला हुआ था, इसके पुख्ता सबूत नहीं मिले है. अदालत ने कहा कि पूरे देश में पेपर लीक हुए हैं, इसके लिए यचिकाकर्ताओं को इससे जुड़े कोई ठोस सबूत सामने रखने होंगे. अगर किसी सेंटर पर ज्यादा नंबर के मामले सामने आये है तो उसे पेपर लीक से कैसे जोड़ें ?
NEET PAPER LEAK मामले की सुनवाई कर रहे मुख्यन्यायधीश डी वाय चंद्चूड़ और जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने अनियमितताओं से संबंधित 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कहा कि बिहार पुलिस के द्वारा लिये गये आरोपियों के बयानों से पता चलता है कि NEET PAPER LEAK परीक्षा से एक दिन पहले 4 मई को हुआ था. याचिकाकर्ताओं ने ये भी मांग की कि 5 मई को हुई NEET की परीक्षा को प्रीलिम्स मान लिया जाये और अब मेन्स की परीक्षा कराई जाए.अदालत में याचिकाकर्ताओं की तरफ से ये भी सुझाव दिया गया कि ऐसे सभी छात्र जिन्होंने नीट क्वालिफाई किया है उनका एक बार फिर से टेस्ट होना चाहिए.
विवादित प्रश्न पर छात्रा का सीजेआई से सवाल
पेपर लीक से जुड़े एक विवाद प्रश्न पर 720 में से 711 अंक पाने वाली छात्रा ने सवाल किया कि परीक्षा में ‘परमाणु और उसकी विशेषताओं से संबंधित एक प्रश्न के दो सही उत्तर थे और परीक्षार्थियों मे से किसी ने, जिन्होंने दो सही उत्तरों में से एक का चयन किया उसे उन्हें चार अंक दिए गए. 720 में 711 अंक पाने वाली याचिकाकर्ता वंशिका यादव की ओर से पीठ को सुप्रीम कोर्ट की पीठ को बताया गया कि NTA के मानकों के मुताबिक सही उत्तर चुनने पर उम्मीदवारों की आखिरी मेधा सूची पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा .

