बिहार: मोतिहारी में मौत की खबरें सामने आ रही हैं. मोतिहारी में संदिग्ध हालत में शुक्रवार की रात से अब तक कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है . मौत का कारण पूछने पर दबी जुबान में गांव वालों ने जहरीली शराब पीना मौत की वजह बताया. जबकि मृतक के परिजन इस बात से इनकार कर रहे है. वहीं प्रशासन के लोग डायरिया से मौत बता रहे हैं. हालाकि मरने वालो के आंकड़ों में अभी भी बढ़ोतरी हो रही है.
क्या है पूरा मामला ?
अभी भी कुछ लोगों का इलाज चल रहा है. बता दे कि मौत का सिलसिला हरसिद्धि थाना क्षेत्र से गुरुवार की रात से शुरू हुआ. जो शुक्रवार की रात तक आठ लोगों की मौत तक पहुंच गया था. हरसिद्धि थानांक्षेत्र के मठ लोहियार में बाप बेटे की चार घंटे के अंदर मौत हो गई, पहले नवल दास की हुई, उसके बाद उसके बेटे परमेंद्र दास की हुई, दोनो के शवों का परिजनों ने अंतिम संस्कार तक कर दिया.
वहीं नवल के बहु की स्थिति नाजुक है. जिसका इलाज चल रहा है। इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताया की वह डायरिया से ग्रसित है। उसके बाद पता चला की उसी गांव के हरिलाल सिंह की स्थिति भी नाजुक है, जिसे शहर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। उसके बाद तुरकौलिया थाना क्षेत्र के बैरिया बाजार पर एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 35 साल के रामेश्वर राम की मौत हो गई. इसके परिजन ने बताया की सुबह से अचानक सर में दर्द हुआ. इलाज के लिए भर्ती कराए, लेकिन शाम में ही दुर्भाग्य वश उनकी मौत हो गई.
वहीं सदर अस्पताल में तुरकौलिया थाना क्षेत्र के विनोद पासवान और अशोक पासवान को भर्ती कराया गया, जहा गंभीर स्थिति को देखते हुए मुजफ्फरपुर रेफर किया गया, जहां अशोक पासवान की मौत हो गई. सभी के परिजनों का कहना है कि मौत की वजह जहरिली शराब नहीं बल्कि बिमारी है. इसके अलावा कई अधिकारी खुल कर बेलने पर परहेज कर रहे हैं.
अधिकारियों ने क्या कहा?
ऐसे में इस तरह जिले में लगातार हो रही मौत को झुठलाया भी नहीं जा सकता. यहां कारण कुछ और भी हो सकता है. मामले पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए ताकि मरने वालों के आंकड़े को काबू में किया जा सके. हंलाकि मामले में डीएम और एसपी ने बताया की जांच में जो सामने आया है. उसके मुताबिक ज्यादातर लोगों की मौत के पीछे डायरिया और फूड प्वाइजनिंग ही वजह माना जा रहा है. अभी भी कई लोगों का इलाज चल रहा है. यहा सवाल ये कि इतने लोगों को एक साथ डायरिया या फूड प्वाइजनिंग हुआ तो हुआ कैसे?

