Sanjay Manjrekar : दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी प्रदर्शन को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर की प्रतिक्रिया चर्चा में है. 10 अक्टूबर को होने वाले CJP के प्रदर्शन के समर्थन में मांजरेकर ने इसे शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक गतिविधि बताया. उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है.
Peaceful protests is a democratic activity. Last time I heard India was a democratic country.
— Sanjay Manjrekar (@sanjaymanjrekar) October 10, 2026
Sanjay Manjrekar के बयान पर इंटरनेट पर जम कर बहस
प्रदर्शन को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ लोग इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला मान रहे हैं, जबकि कुछ इसके औचित्य पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में क्रिकेट से संन्यास के बाद कमेंट्री और सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी राय रखने वाले मांजरेकर की प्रतिक्रिया ने भी लोगों का ध्यान खींचा है. कई नेटिजन्स संजय माजरेकर के इस साहसपूर्ण बयान की जमकर सराहना कर रहे हैं. सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर संजय मांजरेकर ने कहा कि शांति पूर्ण विरोध प्रदर्शन करना लोगों को संवैधानिक अधिकार है. मैने कुछ दिन पहले सुना था कि ये एक एक लोकतांत्रिक देश है…. मांजरेकर के बयान पर लोग जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
एक नेटिजन ने संजय मांजरेकर के बयान को सहासपूर्ण बताते हुए लिखा – आप क्रिकेट में उनकी बात से सहमत या असहमत हो सकते हैं लेकिन आज उन्होने जो बात कही है उसे कहने के लिए रीढ़ की हड्डी होनी चाहिये. कम से कम उन्होंने आगे आकर कहने का साहस तो जुटाया .
I’ve disagreed with Sanjay Manjrekar plenty of times when it comes to cricket, but on this, RESPECT. 🫡
At least the man has the guts to speak up when it matters instead of being a pu$$y or a c*cksucker for people in power. Not everyone has the balls to speak when Jay Shah and his father are involved.
And what about our so-called superstars? Crores of people worship them, they have massive influence, but when it comes to standing up for something that actually matters, suddenly everyone goes silent. 🤡
You don’t have to be left-wing or right-wing. Just have a fucking spine. Speak up when something is right, question it when it’s wrong. Stop hiding behind PR teams and sucking up to people in power.
If you can’t speak, at least stop pretending to be a voice for the people. 🤷♂️
— OldMonkOfCricket (@OldMonkOfCric) October 10, 2026
दिल्ली पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति
CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी. पुलिस प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने में जुटी रही.
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा कड़ी की गई. पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर मोर्चा संभाला. कुछ मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को लेकर भी प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी सामने आई.
इस घटनाक्रम के बीच प्रदर्शन के समर्थन और विरोध में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. मांजरेकर की टिप्पणी ने इस बहस को एक नया आयाम दिया है.
कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन
दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह 6 बजे से स्थिति के अनुसार राजधानी के कई प्रमुख चौराहों और मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू किया. इसका उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी संभावित अव्यवस्था से निपटना था।.
डायवर्जन वाले प्रमुख स्थानों में गोल डाकखाना गोलचक्कर, पटेल चौक गोलचक्कर, आउटर सर्किल कनॉट प्लेस-बाराखंबा रोड टी-पॉइंट, आउटर सर्किल कनॉट प्लेस-संसद मार्ग टी-पॉइंट और आरएमएल अस्पताल गोलचक्कर शामिल हैं.
इन मार्गों से गुजरने वाले लोगों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लगने की आशंका को ध्यान में रखने की जरूरत थी.
कौन हैं संजय मांजरेकर?
61 वर्षीय संजय मांजरेकर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज हैं. उन्होंने भारत के लिए 37 टेस्ट और 74 वनडे मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 2,043 रन और वनडे में 1,994 रन दर्ज हैं.
क्रिकेट से संन्यास के बाद मांजरेकर कमेंट्री की दुनिया में सक्रिय रहे हैं. वह खेल के अलावा कई सार्वजनिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखते रहे हैं.
CJP के प्रदर्शन को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक गतिविधि बताने वाली उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और विरोध के अधिकार को लेकर चर्चा हो रही है.

