Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में अब एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट को कथित गड़बड़ी की जानकारी पहले ही मिल गई थी और पुलिस ने औपचारिक एफआईआर दर्ज होने से पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी थी. सामने आए CCTV फुटेज ने इस मामले को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं.इस सीसीटीवी फुटेज ने राममंदिर ट्रस्ट के अपने ही तिकड़म को खोल कर रख दिया है.
अयोध्या राम मंदिर मामले में एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया
अयोध्या राम मंदिर मामले में कई तरह की जानकारी आ रही है. अब एक नया सीसीटीवी फुटेज आया है. ये सीसीटीवी फुटेज 5 जून का है. इसमें दिख रहा है कि अविनाश शुक्ला के साथ कुछ पुलिस के जवान मौजूद हैं. साथ में एक काले रंग की बैग भी… pic.twitter.com/zWb5XWkl75
— NDTV India (@ndtvindia) June 28, 2026
Ram Mandir Donation Theft: 5 जून को हुई थी शुरुआती कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, 5 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के निर्देश पर ट्रस्ट के प्रतिनिधि पुलिस टीम के साथ आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर पहुंचे थे. इसी दौरान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और उसके पास से नकदी भी बरामद की थी.
हालांकि उस समय ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी. बताया जा रहा है कि शुरुआती कार्रवाई अनौपचारिक स्तर पर हुई, जबकि मामला 7 जून को सार्वजनिक रूप से सामने आया.
24 सेकंड के CCTV फुटेज में क्या दिखा?
मामले से जुड़ा 24 सेकंड का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जो 5 जून 2026 की रात 8:13 बजे का बताया जा रहा है. फुटेज में पुलिसकर्मी और बैंक कर्मचारी आरोपी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेकर एक सफेद रंग की कार की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं.
वीडियो में अविनाश के हाथ में एक काला बैग भी नजर आता है. सूत्रों का दावा है कि इसी बैग में बरामद की गई नकदी रखी गई थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के पास से करीब 5 लाख रुपये बरामद किए गए थे.
क्या ट्रस्ट को पहले से था चोरी का अंदेशा?
सूत्रों के दावों के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या मंदिर ट्रस्ट को चढ़ावा चोरी की आशंका पहले से थी. हालांकि ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है.
आठों आरोपियों के घरों पर फिर पड़ी रेड
इधर, मामले की जांच तेज करते हुए पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की. तलाशी के दौरान कुछ आरोपियों के घरों से जेवरात और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
पुलिस अब इन दस्तावेजों और संपत्तियों का सत्यापन कराने की तैयारी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन संपत्तियों की खरीद का स्रोत क्या है और कहीं उनका संबंध कथित चढ़ावा चोरी की रकम से तो नहीं है.
कस्टडी रिमांड की तैयारी में पुलिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव समेत अन्य आरोपियों के घरों की तलाशी ली गई. यह कार्रवाई अदालत द्वारा सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के दो दिन बाद की गई.
माना जा रहा है कि सोमवार को अदालत में पेशी के दौरान पुलिस आरोपियों से पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है. मामले की जांच फिलहाल जारी है और पुलिस चोरी की रकम के संभावित इस्तेमाल व अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है.




