पश्चिम एशिया युद्ध पर पीएम मोदी की बड़ी पहल: सऊदी क्राउन प्रिंस से बातचीत, ऊर्जा हमलों पर जताई कड़ी आपत्ति

PM Modi spoke Saudi Prince:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से अहम बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से जारी युद्ध और उसके वैश्विक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की.

PM Modi spoke Saudi Prince : ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर  हमले  बर्दाश्त नहीं 

पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत क्षेत्र में ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करता है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत इस तरह की गतिविधियों को वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा मानता है.

ऊर्जा हमलों पर भारत का सख्त रुख

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान दोहराया कि ऊर्जा संसाधनों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं. उन्होंने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

 शिपिंग लाइनों की सुरक्षा पर सहमति

दोनों नेताओं के बीच इस बात पर भी सहमति बनी कि समुद्री मार्गों को सुरक्षित और खुला रखना बेहद जरूरी है. खासतौर पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों की सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए अहम है, क्योंकि यह वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है.

भारतीय समुदाय के लिए धन्यवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए क्राउन प्रिंस के सहयोग की सराहना की और इसके लिए धन्यवाद भी दिया.

लगातार वैश्विक संपर्क में भारत

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत लगातार वैश्विक नेताओं के संपर्क में है. हाल ही में पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बात की थी, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात पर विचार-विमर्श किया गया. दरअसल, 28 फरवरी से ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुआ संघर्ष और अधिक गहराता नजर आ रहा है ,जबकि अमेरिका के साथ इज़राइल भी खड़ा है.

भारत का रुख: शांति और स्थिरता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का स्पष्ट रुख है कि क्षेत्र में तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाने के लिए समुद्री मार्गों का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है. हम शांति और स्थिरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के संबंध में लगातार संपर्क में रहने पर सहमत हुए हैं.”

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