Sunday, July 5, 2026
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Ganga Bridge गिरने पर राजनीति शुरु,तेजस्वी ने कहा बीजेपी ने दिया ठेका,बीजेपी ने मांगा सीएम का इस्तीफा

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GANGA BRIDGE
Ganga Bridge

पटना : बिहार में भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में गंगा नदी पर बन रहे फोरलेन पुल (Ganga Bridge) का बड़ा हिस्सा आज शाम नदी में भरभराकर ताश के पत्ते की तरह गंगा मैया की गोद में समा गया. किनारे खड़े लोगों की चीख पुकार के बीच कुछ स्थानीय लोगो ने जो नदी में समाते Ganga Bridge की  जो तस्वीरें बनाई वो वायरल है. एक ही पुल के बार बार गिरने पर इसके निर्माण को लेकर आवाजें उठनी शुरु ही हुई थी कि सत्ता रुढ़ दल ने अपनी जिम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ लिया.

डिप्टी सीएम तेजस्वी ने कहा बीजेपी ने दिया था Ganga Bridge  का ठेका

इससे पहले की कोई  सरकार से उनकी जिम्मेदारी पूछे ,सरकार की तरफ से पहले ही ये बयान दिया जाने लगा है कि जब इस पुल का ठेका दिया गया था तब बिहार में बीजेपी के साथ जदयू का सरकार थी. पुल को जब स्वीकृति मिली थी तब राज्य में सरकार में बाजेपी भी थी . तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछली बार जब पुल गिरा था तब हम विपक्ष में थे और हमने सवाल भी उठाया था. IIT रुड़की ने 30 अप्रैल 2022 में पुल गिरने का कारण आंधी तूफान बताया. इसके डिजाइन में पहले से ही फॉल्ट था, हमने इसे पूरे तरीके से ध्वस्त करके फिर से कार्य प्रारंभ करने का हमारा निर्णय था.

बीजेपी ने सीएम नीतीश कुमार से मांगा इस्तीफा

बिहार बीजेपी के नये नवेले अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने सीएम नीतीश कुमार से घटना की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग कर डाली है. बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा है  कि पुल ध्वस्त हो रहा, लेकिन नीतीश कुमार की सरकार मस्त होकर देश घूम रही है. आज नीतीश कुमार की भ्रष्टाचारी सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है. अगर थोड़ी सी भी नैतिकता बची है तो तुरंत इस्तीफा करना चाहिए.”

 

सीएम धृतराष्ट्र ना बनें – अश्विनी चौबे , बीजेपी नेता

बीजेपी  नेता अश्विनी चौबे ने सीएम नीतीश कुमार से मांग की कि सरकार धृतराष्ट्र की तरह आंख ना मूंदे, बल्कि सभी पुलों की सुरक्षा जांच कराये

एक ही पुल  के दूसरी बार गिरने पर मचा बवाल

सुल्तानगंज अगवानी पुल के दूसरी बार ध्वस्त होने को लेकर बिहार की राजनीति में बवाल मचा है. डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने पुल  हादसे के बाद सड़क निर्माण विभाग के एसीएस के साथ एक प्रेस कांफ्रेस की, जिसमें बताया कि पिछली बार जब पुल का हिस्सा गिरा था तब IIT रुड़की की टीम ने इसकी जांच की थी और पाया था कि इसकी डिजाइन में फॉल्ट है. सड़क निर्माण विभाग के इंजीनीयर प्रत्यय अमृत ने मीडिया को बताया कि सरकार ने पहले ही सोच लिया था कि इस पुल के गिराकर फिर से नये सिरे से पुल का निर्माण शुरु किया जायेगा. IIT रुड़की की रिपोर्ट आ गई है.

एक तरीके से  डिप्टी सीएम ने ये बता दिया कि अगर ये पुल नहीं गिरता तो सरकार खुद इस पुल को ढ़हा देती. लेकिन डिप्टी सीएम ने इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है कि पिछले 8 साल में इस पुल के बनाने में जो 1710 करोड़ का राशि खर्च हुई है ,उसकी भरपाई कौन करेगा?