Wednesday, January 14, 2026

दुनिया के युद्धग्रस्त माहौल में बोले पीएम मोदी-मानवता की सफलता सामूहिकता में है,मैदान-ए-जंग नहीं है समाधान

PM Modi UNGA : क्वाड सम्मेलन के लिए अमेरिका पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी का पूरा भाषण विश्व शांति के लिए सामुहत एकता को समर्पित रहा. प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के देशों से शांति की अपील की है. उन्होंने ने कहा कि मानवता (Humanity ) की सफलता युद्ध में नहीं बल्कि एक दूसरे के साथ मिलकर बनाई गई सामूहिक शक्ति में निहित है.

प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के देशों मे रुस -यूक्रेन, इजराइल-हमास युद्ध सहित दुनिया भर के कई हिस्सों मे जारी संघर्षों के दौरान संयुक्त राष्ट्र में ‘भविष्य के शिखर सम्मेलन’ टॉपिक पर अपना भाषण देते हुए पीएम मोदी ने ये टिप्पणी की. यूएनजीए को संबोधित करते हुए  भारतीय के प्रधानमंत्री ने कहा कि जब यहां  अंतरराष्ट्रीय समुदाय विश्व के भविष्य पर चर्चा कर रहा है, तब इसकी  सबसे बडी प्राथमिकता ‘‘मानव-केंद्रित दृष्टिकोण (Human-Centered Approach)” होना चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी ने बिना किसी देश का नाम लिये कहा कि “विश्व में मानवता की सफलता सामूहिक शक्ति में ही निहित है, युद्ध के मैदान में नहीं. युद्ध के मैदान से समाधान नहीं निलकते हैं.’’ पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सस्टेनेबल टेवलवमेंच यानी टिकाऊ विकास को प्राथमिकता देते हुए मानव कल्याण के लिए  खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. पीएम मोदी ने समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर  जैसे नए क्षेत्रों में आतंकवाद और संघर्ष का मुद्दा उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र मे कहा कि इन मुद्दों पर कार्रवाई वैश्विक महत्वाकांक्षा के अनुरूप होनी चाहिए.

आतंकवाद से उजे अशांति पर पीएम मोदी ने दिया जोर

UNGA में पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा दौर में आतंकवाद वैश्व क शांति और सुरक्षा के लिए सबसे अधिक गंभीर खतरा बना हुआ है. पीएम मोदी भारत में हो रहे विकास के बारे मे बात करते हुए कहा कि हमने  भारत में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और ये करके हमने ये दिखा दिया कि टिकाऊ विकास (Sustainable Development) सफल हो सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी विकास यात्रा की सफलता के अनुभव को ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ साझा करने के लिए भी तैयार है.

क्या है ग्लोबल साउथ ?

दुनिया भर में आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर विकासशील देश या कम विकसित देशों के लिए एक शब्द ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का प्रयोग किया जाता है. PM मोदी ने वैश्मव मे मचे कोहराम के बीच संस्थाओं में सुधार की अपील करते हुए कहा कि ये विश्व में शांति कायम करने और विकास के लिए जरुरी है.

हम जानते है कि इस समयपूरी दुनिया में तीन मोर्चों पर भीषण संघर्ष चल रहा है.बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ा हुआ है. हालांकि ये द्विपक्षीय .युद्ध है लेकिन असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. इस समय यूक्रेन-रुस के बाद इजरायल-हमास युद्ध चल ह रहा था कि अब इजरायल-लेबनान का युद्ध भी शुरु हो गया है.इजराइल लेबनान युद्ध से मिडिल ईस्ट में संकट के बादल गहरा रहे हैं जिससे चाहे ना चाहे पूरी दुनिया के माने बड़ी चुनैतिया खड़ी हो रह है. वैश्विक शांति इस समय संकट में पड़ी दिखी दे रही है.

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