PM Modi Japan Visit : 1 अगस्त को चीन के शहर तियानजिन में होने वाले शंघाई शिखर सम्मेलन( SCO Meeting) में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली से निकल चुके हैं. अमेरिका के द्वारा लगाये गये हाई टैरिफ के बाद भारत के साथ-साथ दुनियाभर के देशों की नजर इस सम्मेलन पर है क्योंकि भारत ने ये साफ कर दिया है कि वो अमेरिकी के शर्तों के आगे नहीं झुकेगा और हाईटैरिफ का जवाब दूसरे रास्ते निकाल कर देगा. इस संदर्भ में पीएम मोदी की जापान- चीन यात्रा से कई उम्मीदें लगाई जा रही हैं. पीएम मोदी तीन के तियानजिन शहर में एससीओ बैठक (SCO Meeting) के दौरान रुसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे और उम्मीद की जा रही है कि अमेरिका के खिलाफ भारत कोई नई रणनीति बनाने में कामयाब हो जाये.
Addressing the India-Japan Economic Forum in Tokyo. Strong business ties between our nations are a vital element of our friendship. https://t.co/OUSvy98eJo
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2025
PM Modi Japan Visit : SCO बैठक से पहले जापान यात्रा के मायने
प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ बैठक में जाने से पहले जापान जाने फैसला किया है जो राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है . भारत जापान के साथ सांस्कृतिक रिश्ते के साथ-साथ व्यापारिक रिश्तों को भी मजबूत करने की कोशिश में है.
जापान पहुंचे पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत
शुक्रवार को जब सुबह पीएम मोदी जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे तो हेनेडी एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत हुआ. पीएम मोदी को एयरपोर्ट पर ही गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया. वहीं बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोगों ने आगे आकर पीएम मोदी से मुलाकात की. पीएम मोदी यहां जापान में 29-30 अगस्त को रहैंगे . फिर यहां से चीन के तियानजिन रवाना हो जायेंगे.
❗️🇮🇳🇯🇵 Land of Rising Trade: Indian Prime Minister Modi Given Warm Welcome in Japan
Members of the Japanese community welcomed Narendra Modi to Tokyo, reciting the Gayatri Mantra and putting on cultural performances.
PM Modi is expected to secure pledges worth some more than… pic.twitter.com/ZifhgTYaZC
— RT_India (@RT_India_news) August 29, 2025
पीएम मोदी ने शिखर वार्ता के बाद पीएम इशिबा के साथ किया संबोधन
पीएम मोदी ने टोक्यो पहुंचने के बाद पीएम इशिबा के साथ एक शिखर वार्ता को संबोधित किया. इस इस शिखर वार्ता में जापानी पीएम शिगेरू इशिबा ने अपनी पिछली वारणसी यात्रा के याद करते हुए कहा कि “6 साल पहले अगस्त में मुझे वाराणसी आने का सौभाग्य मिला था. मैं अनादि काल के भारतीय इतिहास को देखकर अभिभूत था.”
व्यापार के लिए ग्लोबल साउथ का स्प्रिंगबोर्ड है भारत – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो में इंडिया-जापान इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और जापान की साझेदारी रणनीतिक और समझदारी भरी है. इकोनॉमिक लॉजिक से प्रेरित होकर दोनों देशों ने साझा हितों को साझा समृद्धि में बदला है. उन्होंने कहा कि भारत जापानी बिजनेस के लिए ग्लोबल साउथ का स्प्रिंगबोर्ड है और मिलकर दोनों देश एशियाई सदी को स्थिरता, विकास और समृद्धि की दिशा देंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी रणनीतिक होने के साथ-साथ समझदारी भरी भी है. अर्थशास्त्र के तर्कों को समझते हुए दोनों देशों ने अपने हितों के लिए जुड़े और समृद्धि में बदला है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत जापान व्यापार के लिए ग्लोबल साउथ का स्प्रिंगबोर्ड है और अब दोनों देश मिलकर इस सदी को एशिया में स्थिरता, विकास और समृद्धि की दिशा तय करेंगे.
संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद समझौते पर हुए हस्ताक्षर
पीएम मोदी और पीएम इशीबा की समयुक्त वार्ता के बाद दोनो देशो के नेताओं के बीच बातचीत हुई और फिर दोनों नेताओं ने भारत और जापान के बीच हुए समझौतों का आदान-प्रदान किया. इस दौरान दोनों देशों की बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ, इसके साथ ही आर्थिक व्यवस्था , स्वास्थ्य, एआई और साइंस टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में सहयोग को लेकर सहमति बनी.
Tokyo, Japan: India and Japan exchange Agreements in the presence of Prime Minister Narendra Modi and Japanese PM Shigeru Ishiba.
Watch 📹 pic.twitter.com/Y4BSWPw2f1
— Mint (@livemint) August 29, 2025
मोदी पुतिन और शी जिनपिंग की मुलाकात पर टिकी दुनिया की नजर
एससीओ समिट से इतर प्रधानमंत्री चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे. वैश्व्क स्तर पर बदलते जियो पालिटेक्स के दौरान तीन देशों के राष्ट्रध्यक्षों के मिलने से क्या कोई नया सममीकऱण उभरता है, इस पर दुनिया की नजर है. जिस तरह से अमेरिकी लगातार टैरिफ बढ़ाकर भारत पर दवाब बनाने की कोशिश कर रहा है वो दूसरे देशों के लिए भी चिंता का कारण है.