Saturday, August 30, 2025

अब शहबाज शरीफ ने दी भारत को धमकी,पिछले 48 घंटों में तीन पाकिस्तानी नेता दे चुके हैं गीदड़भवकी

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Pakistan Shehbaz Sharif :  जब से पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिका की धरती से भारत के खिलाफ बयान दिया है , इसके बाद से पाकिस्तानी नेताओं की जुबान भारत के खिलाफ जहर उगल रही हैं. पिछले 48 घंटों में पाकिस्तान के तीन नेताओं ने भारत को धमकियां दी हैं.

Pakistan Shehbaz Sharif की धमकी 

आसीम मुनीर , बिलावल भुटटों के बाद अब  पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु के पानी को लेकर भारत को धमकी दी है. शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान कहा

“दुश्मन (भारत) पाकिस्तान से एक बूंद पानी भी छीन नही सकता . आपने हमें पानी रोकने की धमकी दी है, अगर ऐसा करने की कोशिश भी की तो पाकिस्तान आपको ऐसा सबक सिखायेगा कि आप इसे जिंदगी भर भूलेंगे नहीं”  

शहबाज शरीफ ने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान की तरफ बहने वाले सिंधु के पानी को रोकता है, तो ये सिंधु जलसंधि का उल्लंघन होगा.अगर ऐसा हुए तो पाकिस्तान इसका जवाब निर्णायक तरीके से देगा. पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि सिंधु का पानी पाकिस्तान की लाइफलाइन है और अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के तहत कोई देश ऐसा नहीं कर सकता है.

बिलावल भुट्टो भी भारत को दे चुके हैं जंग की धमकी

पाकिस्तानी पीएम से पहले उनके एक नौजवान मंत्री बिलावल भुट्टो भी सिंधु के पानी को लेकर भारत को धमकी दे चुके हैं. भुट्टों ने कहा कि अगर भारत ऐसा करता है तो उनके पास जंग के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं रह जायेगा.भुटटो ने कहा कि भारत की मोदी सरकार ने पाकिस्तान को बहुत नुकसान पहुंचाया है, अब हमें एकजुट होकर भारत के आक्रमक नीतियों का जवाब देना होगा.भुट्टो ने ये भी दावा किया कि पाकिस्तान के लोग 6 नदियों को वापस लेने के लिए जंग करने में सक्षम हैं.

भारत-पाकिस्तान के बीच क्या है सिंधु जल समझौता ?

भारत से बहकर पाकिस्तान की ओर जाने वाली 5 नदियां है, जो सिंधु नदी में मिलती है. इनमेंचिनाब, झेलम, रावी, ब्यास और सतलुज शामिल हैं. इन नदियों के किनारे करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. जिसमें 47 प्रतिशत भूमि पाकिस्तान में, 39 प्रतिशत भूमि भारत में,  8 प्रतिशत भूमि चीन में और 6 प्रतिशत भूमि अफगानिस्तान में है. कुल मिलाकर देखा जाये तो जिन जिन देशों से ये नदियां गुजरती हैं, वहां इसके किनारे करीब 30 करोड़ लोग रहते हैं.

1947 में जब भारत आजाद हुआ और एक नये देश पाकिस्तान का जन्म हुआ, तब से ही इन नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर विवाद होता रहा.

1947 में दोनों देशो के बीच ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ. जिसमें ये तय हुआ है कि दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहेगा. ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला.

1948 में समझौता टूटने के बाद भारत ने 1 अप्रैल को दोनो नहरों का पानी रोक दिया.  पानी की कमी के कारण पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन की खेती बर्बाद हो गई. फिर दोनो देशो के बीच समझौता हुआ और भारत ने पानी छोड़ दिया.

1951 से लेकर 1960 तक विश्वबैंक की मध्यस्थता के साथ भारत-पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत होती रही और आखिरकार 19 सितंबर 1960 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अयूब खान के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए. इसी जल समझौते को सिंधु जल समझौता के नाम से जाना जाता है.

पहलगाम आंतकी हमले के बाद भारत ने संधि रद्द करने का किया ऐलान

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम पर हमले करके नृशंश तरीके से 26 लोगों की हत्या कर दी. हमले से नाराज भारत ने 24  अप्रैल को 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता तोड़ने का ऐलान कर दिया. अब पाकिस्तान डरा हुआ है कि अगर भारत  ने सिंधु के पानी को पाकिस्तान जाने से रोक दिया को उनकी आबादी का बड़ा हिस्सा प्यास से मर जायेगा.

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