Khawaja Asif Israel Post : अमेरिका -ईरान युद्ध विराम को 11 अप्रैल यानी शनिवार को पाकिस्तान में होने वाली आगामी ‘इस्लामाबाद वार्ता’ से पहले वहां के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ का एक सोशल मीडिया पोस्ट उनके लिए बड़ी कूटनीतिक मुसीबत बन गया है. रक्षा मंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर इजरायल को ‘मानवता के लिए अभिशाप’ बताते हुए एक विवादित टिप्पणी की थी, जिस पर इजरायल ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से मिली कड़ी फटकार और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद ख्वाजा आसिफ को अपना पोस्ट डिलीट करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इस पूरे घटनाक्रम को वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के एक बड़े ‘कूटनीतिक सरेंडर’ के रूप में देखा जा रहा है.
❝Israel is evil and a curse for humanity, while peace talks are underway in Islamabad, genocide is being committed in Lebanon❞
Pakistan’s Defense Minister Khawaja Asif called Israel a ‘curse for humanity’ late Thursday, saying that genocide is continuing across the region… pic.twitter.com/eISYE5Y7cn
— Anadolu English (@anadoluagency) April 10, 2026
Khawaja Asif Israel Post पर भड़का इजराइल, कहा ये हरकत बर्दाश्त नहीं…
बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने पाकिस्तान के इस बयान को पूरी तरह ‘अपमानजनक’ करार दिया है. इजरायल की ओर से स्पष्ट कहा गया कि ऐसी भाषा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती, विशेष रूप से उस देश की तरफ से जो वैश्विक मंचों पर खुद को एक ‘तटस्थ मध्यस्थ’ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है. इजरायल के इस तीखे तेवर ने पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया, जिसका परिणाम ये हुआ है कि रक्षा मंत्री ख्जावा आसिफ को तुरंत अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं. ख्वाजा आसिफ ने तुरंत एक्स से अपना पोस्ट डीलीट कर दिया है लेकिन संदेश साफ है. इजराइल ने अपने रुख से पाकिस्तान को ये समझा दिया है.
ट्वीट से खतरे में पड़ी इस्लामाबाद शांति वार्ता !
यह विवाद ऐसे नाजुक समय पर सामने आया है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की मेजबानी की तैयारी कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि ख्वाजा आसिफ की इस बचकानी हरकत ने पाकिस्तान की उस छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है, जिसके जरिए वह खुद को एक जिम्मेदार शांतिदूत साबित करना चाहता था. इजरायल की फटकार के तुरंत बाद पोस्ट हटाना यह भी दर्शाता है कि पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक और राजनीतिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह किसी भी तरह का वैश्विक दबाव या कूटनीतिक अलगाव झेल सके.
जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान इस समय क्षेत्रीय शांति प्रक्रिया में एक संतुलित खिलाड़ी बनने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है लेकिन रक्षा मंत्री के ऐसे बयान इस देश की नीयत और और उसकी असलियत को उजागर कर देते हैं. अपनी अंतरराष्ट्रीय साख बचाने और इस्लामाबाद वार्ता को विफल होने से रोकने के लिए पाकिस्तान ने विवादित पोस्ट हटवाकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश तो की है, लेकिन इस घटना ने दुनिया के सामने उसकी कूटनीतिक कमजोरी को स्पष्ट कर दिया है. सोशल मीडिया पर दिए गए इस बयान का असर अब पाकिस्तान के भविष्य के राजनयिक प्रयासों पर भी पड़ सकता है.

