नई दिल्ली बिहार को एक बड़ी कुरीति मौला ढ़ोने की प्रथा से मुक्त दिलाने वाले वरिष्ठ समाजसेवी बिंदेश्वरी पाठक (Bindeshwari Pathak) का 80 साल की उम्र में निधन हो गया है. पद्म सम्मान से सम्मानित बिंदेश्वरी पाठक (Bindeshwari Pathak) सुलभ इंटरनेशनल (SULABH INTERNATIONAL) के संस्थापक थे. उन्हें बिहार में उनके अथक समाज सेवा के लिए भारत सरकार ने 2003 में पद्मभूषण से सम्मानित किया था.
Bindeshwari Pathak ध्वजारोहण के लिए आये थे दिल्ली
बिंदेश्वरी पाठक आज स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने के लिए दिल्ली में सुलभ इंटरनेशनल के कार्यालय में मौजूद थे. ध्वाजारोहण के बाद अचानक उनकी तबियात बिगड़ी . उन्हें दिल्ली के AIIMS ले जाया गया , जहां उनका निधन हो गया.
महावीर एनक्लेव में रखा गया है Bindeshwari Pathak का पार्थिव शरीर
उनके पार्थिव शरीर को लोगों के दर्शन के लिए महावीर एंनक्लेव के सुलभ ग्राम में रखा गया है. सुबह 7 बजे से लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे. दोपहर के बाद अंतिम संस्कार किया जायेगा. बिंदेश्वरी पाठक बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले थे.
Bindeshwari Pathak ने बिहार में सिर पर मैला ढोने की कुप्रथा कराई थी खत्म
आजादी के समय से भी पहले से बिहार में एक समाजिक कुप्रथा चल रही थी. मेहतर नाम का समुदाय लोगों के घरों से मैला अपने माथे पर उठाकर ले जाते थे और पैखानों की सफाई करते थे. बिंदेश्वरी पाठक इस कुप्रथा से समाज को मुक्त करना चाहते थे.
Bindeshwari Pathak ने 1970 सुलभ इंटरनेशनल की स्थापना की
बिंदेश्वरी पाठक महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित थे. इसलिए उन्होने 1968 में कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद गांधी शताब्दी समारोह समिति में मेहतरों की मुक्ति प्रकोष्ठ में शामिल हुए . यहां उन्होने देखा कि किस तरह से समाज में मैला ढोने वाला समुदाय दुर्दशा का जीवन जी रहा है.मेहतरों को उन कामों से मुक्ति दिलाने के लिए उन्होंने 1970 में सुलभ इंटरनेशनल की संस्थपना की . इस नई पहल के बाद लोग पैसा देकर स्वच्छ शौचायलों का प्रयोग कर सकते थे.इस नई पहल ने बिहार में लोगों के बीच जागरुकता फैलाई और एक कुप्रथा का समाज से उनमूलन हुआ. सुलभ इंटरनेशनल समाज के कई क्षेत्रों मे काम करता है. पर्यावरण , मानव अधार, उर्जा के गैर परंपरागत श्रोत और मैला प्रबंधन के क्षेत्र मे काम करती है.
निधन पर राष्ट्रपति मुर्मू ,पीएम मोदी औऱ सीएम नीतीश कुमार ने शोक जताया

समाज सेवी बिंदेश्वरी पाठक के निधन पर बिहार सीएम नीतीश कुमार ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता एवं सामाजिक कार्य के प्रति अहम योगदान में बिंदेश्वर पाठक जी का योगदान भुलाया नहीं जा सकता है. सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि बिंदेश्वर पाठक जी के निधन के समाचार से उन्हें गहरा दुख हुआ है.

