Opposition Party Protests : दिल्ली में सोमवार को कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने बिहार में हुए मतदाता गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद बने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर जमकर हंगामा किया और संसद भवन से लेकर चुनाव आयोग तक विरोध मार्च निकाला. इस मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे के साथ साथ टीएमसी से महुआ मोइत्रा, समाजवादी पार्टी से अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत समेत इंडिया गठबंधन के तमाम नेता शामिल हुए. विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोटों की चोरी की जा रही है. इन्ही आरोपों के साथ आज पूरे विपक्ष ने एक जुट होकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया.
BJP and the Election Commission are hand-in-glove in vote theft.
Today, INDIA alliance MPs marched to the EC in protest — but Narendra Modi sent in the police to block them.
❓What is Modi so scared of?
The truth? The people? Or democracy itself?📍New Delhi pic.twitter.com/lWDTZq6mxs
— Congress (@INCIndia) August 11, 2025
Opposition Party Protests : राहुल प्रियंका समेत हिरासत में लिये गये विपक्षी नेता
इस दौरान पुलिस ने इन तमाम नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. हिरासत में लेने के बाद सभी विपक्षी नेताओं को संसद मार्ग थाने ले जाया गया. बाद में सभी को छोड़ दिया गया.
हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि अब हकीकत ये है कि ये लोग बात ही नहीं कर सकते हैं. सारी सच्चाई देश के सामने आ चुकी है. राहुल गांधी ने कहा कि उनकी लड़ाई राजनीतिक नहीं, बल्कि संविधान को बचाने की लड़ाई है. ये लड़ाई एक व्यक्ति एक वोट की है, इसलिए हमें साफ वोटर (डिजिटल) लिस्ट चाहिए.
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि सरकार उन्हें चुनाव आयोग तक क्यों पहुंचने नहीं दे रही है, आखिर उन्हें किस बात का डर है ?
विपक्ष के इस मार्च में सभी दलों के सांसद थे सांसदों ने कहा कि हम शांतिपूर्ण ढंग से मार्च निकाल रहे थे. हमारा कहना है कि चुनाव आयोग सभी सांसदों को अंदर बुलाता और हम सभी लोग अपना-अपना पक्ष रखते, लेकिन चुनाव आयोग ने केवल 30 मेंबर्स को अंदर आने की इजाजत दी है.,ऐसा कैसे हो सकता है.
समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग के कहने पर 18 हजार वोटों की चोरी की शपथ पत्र दिया है. अब चुनाव आयोग से मांग कर रहे हैं कि उन जगहों के जिलाधिकारी तो निलंबित करें जहां फर्जी वोटिंग हुई है.

