Friday, February 13, 2026

पाकिस्तान में असीम मुनीर पर भड़का विपक्ष कहा – नोबेल पुरस्कार के लिए वापस लो ट्रंप का नॉमिनेशन

Trump Nobel Prize nomination : हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल  असीम मुनीर को लंच  पर बुलाया,जिसके बाद मुनीर ने पाकिस्तान की तरफ से  राष्ट्रपति डोनांल्ड ट्रंप का नाम  नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) के लिए नॉमिनेट करने की बात कही थी. दुनिया के सबसे बड़े नॉबेल शांति पुरस्कार के लिए पाकिस्तान के द्वारा नॉमिनेट किये जाने की बात कहे जाने के अगले ही दिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले के आदेश दे दिये. ट्रंप के इस आदेश के बाद अब पाकिस्तान में असीम मुनीर की जमकर फजीहत हो रही है.

Trump Nobel Prize nomination:सीजफायर के लिए किया नॉमिनेशन 

दरअसल बीते शुक्रवार को असीम मुनीर के अमेरिकी दौके के दौरान ही पाकिस्तान ने कहा था कि वो भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही लड़ाई को रोकने के लिए की गई कोशिशों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करेगा. अब पाक सरकार के इसी फैसले के खिलाफ पाकिस्तान में जम कर बवाल हो रहा है. विपक्ष के कई नेता और देश के नामी-गिरामी लोगों ने पाकिस्तान सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताई.

इशाक डार ने किया था अनुशंसा पत्र पर हस्ताक्षर

डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिये जाने की अनुसंशा वाला पत्र पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने से हस्ताक्षर किया था और इसे नॉर्वे में नोबेल शांति पुरस्कार समिति को भेजा भी जा चुका है, लेकिन अब जब अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, इस्फहान और नतांज परमाणु संयंत्रों पर हमला करके उसे बर्बाद करने के आदेश दिये है, जब लोग सवाल उठा रहे हैं.

यहां खास बात ये है कि ट्रंप बार बार अपने ही बयान से मुकर रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले ही कहा था कि फिलहाल अगले 2 सप्ताह तक ईरान पर हमला करने की उनकी कोई योजना नहीं है , इसके बावजूद उन्होंने इजारइल के साथ मिलकर ईरान पर हमले का आदेश दिया और ईरान के परमाणु संयत्रो को अमेरिकी बमबारी का निशाना बनाया .

पाकिस्तान वापस ले ट्रंप का नाम

ईरान पर अमेरिका का हमले के बाद पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन ने लिखा है कि देश के कई प्रमुख नेताओं ने पाक सरकार से अपने फैसले की समीक्षा करने की बात कही है. जमीयत उलेमा-ए -इस्लाम पार्टी के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने मांग की है कि पाकिस्तान सरकार ट्रंप की अनुशंसा वाला पत्र वापस ले.

मौलाना फजलुर रहमान ने फील्ड मार्शल असीम मुनीर पर तंज सकते हुए कहा कि फील्ड मार्शल ट्रंप से मुलाकात और उनके साथ लंच करके इतने खुश हो गये कि उनका नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित कर दिया.

फिलिस्तीन…ईरान पर हमले का समर्थन शांति का समर्थक कैसे?

मौलाना फजलुर रहमान ने सवाल उठाया कि फिलिस्तीन, सीरिया, लेबनान और ईरान पर इजरायली हमलों का समर्थन करना शांति का संकेत कैसे हो सकता है? जिस अमेरिका के हाथों में अफगिनियों और फिलिस्तीनियों का खून लगा हो, तो वो शांति का समर्थक होने का दावा कैसे कर सकता है?

ट्रंप सारे दावे झूठे

पाकिस्तान में इस बात पर भी चर्चा हो रहे है कि ट्रंप ने यूक्रेन और रुस के बीच चल रहे संघर्ष को रोकने वाले के रुप में खुद को प्रचारित किया लेकिन उनके राष्ट्रपति बनने के पांच महीने बाद भी यूक्रेन और रुस के बीच युद्ध जारी है.

ट्रंप ने जानबूझ कर छेड़ा अवैध युद्ध

इसी चर्चा को आगे बढ़ाते हुए पाकिस्तान के एक पूर्व सीनेटर मुशाहिद हुसैन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि “चूंकि ट्रंप अब संभावित शांति कायम करने वाले नहीं कर रह गए हैं, बल्कि एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने जानबूझकर एक अवैध युद्ध छेड़ दिया है, इसलिए पाकिस्तान सरकार को अब उनके नोबेल नॉमिनेशन की समीक्षा करनी चाहिए, उसे रद्द करना चाहिए.”

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