Tuesday, January 13, 2026

अमेरिका की टैरिफ धमकी के बीच भारत ने शुरु किया प्लान B,NSA अजीत डोभाल पहुंचे रुस,विदेश मंत्री भी जाने वाले हैं…..

NSA Doval Russia visit :  अमेरिका के टैरिफ धमकी के बीच भारत ने सीधे तौर पर ये जता दिया है कि वो डोनाल्ड ट्रंप की गीदड़भवकियों से डरने वाला नहीं है. भारत की अपनी स्वतंत्र विदेश नीति है और इसी पर ये देश चलेगा. अमेरिका की दादागिरी वाली धमकी के बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रूस के साथ कच्चे तेल और मिसाइल डिफेंस सिस्टम S-400  पर बात करने के लिए मॉस्को पहुंचे हैं.मास्को पहुंचने पर खुद राष्ट्रपति पुतिन ने अजीत डोभाल का स्वागत किया.  जानकारी के मुताबिक इस वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर भी आने वाले दिनों में रूस की यात्रा पर जाने वाले हैं.

 NSA Doval Russia visit :  किस बात से है ट्रंप की भारत से नाराजगी ?

रुस-यक्रेन युद्ध को रोकने के लिए खुद को मध्यस्थ बनाने की कोशिश कर रहे ट्रंप को रुस ने कड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने बार बार रुस के राष्ट्रपति पुतिन से युद्ध रोकने की बात की लेकिन रुस  यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने के लिए अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है. रुस पर अपनी बात बेअसर होते देख अब ट्रंप अपनी खीज उन देशों पर उतार रहे हैं, जो रुस के साथ व्यापार कर रहे हैं.

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अमेरिकी धमकी के बीच हाई प्रोफाइल यात्रा

भारत के उच्च अधिकारी और मंत्री ऐसे समय में रुस की यात्रा कर रहे हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार भारत को टैरिफ बढाने की धमकियां दे रहे हैं. वो भी तब जब अमेरिका पहले ही भारत पर 25 प्रतिशत की उच्च दर वाला टैरिफ लगाने का ऐलान कर चुका है. इसके बाद मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि भारत अच्छा ट्रेडिंग पार्टनर नहीं है, इसलिए वो इंडिया पर लगने वाला टैरिफ और बढ़ा देंगे.

ट्रंप का आरोप है कि भारत रुस से सस्ता कच्चा तेल खरीद कर रुस को बार मशीन चलाने के लिए मदद कर रहा है. इसके साथ ही भारत रुस से मिले सस्ते कच्चे तेल को बाजार में बेच कर फायदा भी कमा रहा है.

धमकी के बीच भारत ने दुगुणी की अपनी रफ्तार

ट्रंप से लगातार मिल रही धमकियों के बीच भारत ने अपने डिप्लोमैटिक मिशन को रफ्तार के साथ सक्रिय कर दिया है. बार बा दवाब मिलन के बावजूद भारत ने अपने एक्शन से ये बता दिया है कि भारत रुस से कच्चा तेल और अन्य सामानों का आयात जारी रखेगा. भारत इस समय अपनी जरूरत का 35 से 40 प्रतिशत क्रूड आयल रूस से खरीदता है. हलांकि अभी भी चीन रुस से क्रूड आयल खरीदने में दुनिया में पहले नंबर पर है.भारत चीन के बाद रूस से कच्चा तेल खरीदार वाला दूसरा बड़ा खरीददार है.

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