Nitish Kumar Waqf Bill : वक्फ संसोधन विधेयक के लोकसभा और राज्यसभा से पास हो जाने के बाद बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू में घमासान मचा हुआ है. पार्टी के कई मुस्लिम नेता सीएम नीतीश कुमार पर धोखा करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे चुके हैं.कई सदस्यों ने अपने इस्तीफे सोशल मीडिया पर पर भी शेयर किये हैं.
Nitish Kumar Waqf Bill : सवाल के जवाब में मुस्कुराकर निकले सीएम
सेक्यूलर छवि वाली जेडीयू में पार्टी के भीतर से लगातार विरोध की आवाजें उठ रही हैं,जेडीयू के भीतर मचे घमासान पर आरजेडी तंज कस रही है, वहीं इन इस्तीफों को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ललन सिंह फर्जी करार दे रहे हैं. इस पूरे मामले पर अब तक सीएम नीतीश कुमार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है लेकिन आज एक कार्यक्रम के दौरान जब सीएम नीतीश कुमार से सवाल पूछा गया तो उन्होने पत्रकारों के सवाल पर मुस्कुराकर जवाब दिया.
बाबू जनगजीवन राम जयंती समारोह में पहुंचे थे सीएम
शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के जाने माने दलित नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबू जगजीवन राम की जयंती समारोह में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे. समारोह में हिस्सा लेकर जब सीएम वहां से निकलेने लगे तो पत्रकारों ने दूर से ही उनसे पूछा लिया कि वक्फ संशोधन बिल पर आपकी क्या राय है?
इस सवाल के जवाब में सीएम ने कुछ कहा तो नहीं लेकिन अपने हाल भाव से इसका जवाब दिया. मीडियाकर्मियों की तऱफ देख कर मुस्कुराये और वहां से आगे चले गये.
सीएम नीतीश ने बनाई मीडिया से दूरी
इस कार्यक्रम के दौरान एक और खास बात हुई, जो सीएम नीतीश कुमार मीडियाकर्मियों को देखते ही खुद उनके पास चले जाते थे वो मीडिया से दूरी बनाते हुए दिखे. पत्रकार सवाल पूछते रहे लेकिन सीएम बिना कोई जवाब दिये वो वहां से निकल गये. पटना मीडिया में इस बात की चर्चा है कि जो सीएम आगे बढ़कर खुद मीडिया से बात किया करते थे, अब नई सरकार बनने के बाद से मीडिया के सवालों से बचते नजर आते हैं.
संसद से वक्फ संशोधन विधेयक पास हो जाने के बाद बिहार के मुस्लिम नेताओं में खलबली मची हुई है.खासकर ये बैचैनी इसलिए भी बढ़ी हुई है,क्योंकि इस साल के अंत में राज्य में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और मुस्लिम नेताओं का मानना है कि वक्फ बिल को पास कराने में दिया गया समर्थन राज्य में पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकता है. जेडीयू से मुस्लिम वोटर्स छिटक सकते हैं.
बिहार में जेडीयू को कितना है मुस्लिम समर्थन
आंकड़ों के मुताबिक अब तक बिहार में जेडीयू को मुस्लिम वोटरों के एक बड़े हिस्से का समर्थन मिलता रहा है.
2010 बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की अगुवाई में JDU ने NDA गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था इस चुनाव में मुस्लिम वोटों का एक सम्मानजनक हिस्सा हासिल किया, अनुमान के मुताबिक 20-25% वोट हासिल किया था. नीतीश की सेक्युलर छवि और विकास के एजेंडे ने उस समय मुस्लिम समुदाय के बीच उनकी स्वीकार्यता बढ़ाई थी.
2015 बिहार विधानसभा चुनाव: JDU ने महागठबंधन (RJD और कांग्रेस के साथ) में चुनाव लड़ा. इस चुनाव में मुस्लिम वोटों का बड़ा हिस्सा (लगभग 60-70%) महागठबंधन को मिला, जिसमें JDU को भी इसका लाभ मिला. अनुमान के मुताबिक JDU को अकेले करीब 25-30% मुस्लिम वोट मिले थे.
2020 बिहार विधानसभा चुनाव : JDU इस बार फिर से NDA के साथ थी लेकिन इस बार मुस्लिम वोटों की संंख्या में कमी आई थी. CSDS के सर्वे के अनुसार, केवल 10-12% मुसलमानों ने JDU को वोट दिया, जबकि RJD-कांग्रेस के महागठबंधन को 75-80% मुस्लिम वोट मिले. नीतीश का BJP के साथ गठबंधन और AIMIM जैसे दलों का उभरना इसके कारण रहे.
2024 लोकसभा चुनाव: हाल के लोकसभा चुनाव में भी JDU को मुस्लिम वोटों का समर्थन सीमित रहा. अनुमान के मुताबिक, यह 5-15% के बीच रहा, क्योंकि मुस्लिम वोटरों का बड़ा हिस्सा INDIA गठबंधन (RJD और कांग्रेस) की ओर गया.

