Tuesday, February 17, 2026

Mukhtar Ansari: कृष्णानंद राय हत्याकांड में माफिया मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा

गाजीपुर: गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में  मउ के विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के खिलाफ अपना फैसला सुना दिया है . फैसला गैंगस्टर एक्ट के तहत आया है . माफिया मुख्तार (Mukhtar Ansari) पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया है. आपको बता दें कि 16 साल पहले बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या हुई थी , जिसमें हत्या का आरोप मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) पर लगा था.इसी मामले में मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी पर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला चल रह है , इस पर भी फैसला आना है.

खबर लिखे जाने तक फैसला नहीं आया है .

स्वर्गीय विधायक कृष्णा नंद राय की पत्नी अलका राय का बयान

अंसारी बंधुओ के खिलाफ फैसला आने से पहले स्व.विधायक कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय ने उम्मीद जताई थी कि उनके पति के साथ न्याय होगा और कोर्ट से फैसला उनके हक में आयेगा. अल्का राय ने कहा था कि मुझे कोर्ट के फैसले पर विश्वास है. अल्का राय ने ये भी उम्मीद जताई थी कि आनेवाला समय मे गुंडा माफिया का राज खत्म हो जाएगा. माफिया या तो जेल में होंगे या ऊपर उठ जाएंगे.

बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय पर चली थी 500 राउंड गोलियां

घटना 29 नवंबर 2005 की है, जब मोहम्मदाबाद से बीजेपी के तत्तकालीन विधायक कृष्णानंद राय को गोलियां से भून दिया गया था . कृष्णानंद राय पर 500 राउंड गोलियां चलीं थी. विधायक के शरीर पर 65 गोलियों लगी थी, पूरा शरीर गोलियों से छलनी कर दिया गया था. इस घटना में AK-47 का इस्तेमाल किया गया था. दरअसल बताया ये जाता है कि   ये हत्याकांड मुख्तार अंसारी और कृष्णानंद राय के बीच दुश्मनी का परिणाम था. इन दोने के बीच लंबे समय से दुश्मनी चलती आ रही थी.

 घटना वाले दिन क्या हुआ था?

गाजीपुर के गोडसर गांव में शाम का वक्त था. विधायक कृष्णानंद राय एक क्रिकेट मैच टूर्नामेंट में जाने वाले थे. मैच के आयोजकों ने उन्हें मुख्य अतिथि बनाया था.बगल के गांव में ही कार्यक्रम था इसलिए विधायक कृष्णानंद राय बिना बुलेटप्रूफ गाड़ी लिये ही निकल पड़े.  ये एक लापरवाही विधायक कृष्णानंद राय के लिए उनके जीवन की सबसे बड़ी भूल साबित हुई. रास्ते में मुख्तार अंसारी के लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरु कर दी. AK 47 जैसे हथियार से फायरिंग की गई. घटना की विभत्सता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कृष्णानंद राय के शरीर में 65 गोलियों ने छेद किया था.

इस हत्याकांड ने मुख्तार अंसारी और उसके भाई अफजाल अंसारी को आरोपी बनाया गया था. इस हत्याकांड ने मुख्तार अंसारी को एक कुख्यात अपराधी के तौर पर मशहूर कर दिया .

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