इस पुल को 140 साल पहले मोरबी के महाराजा ने बनवाया था. इस पुल को आम लोगों के लिए कई दशक पहले ही बंद कर दिया गया था लेकिन हाल ही में एक निजी कंपनी ओरेवा ग्रुप ने इस पुल की मरम्मत और निगरानी का जिम्मा लिया था. बताया जा रहा है कि इस कंपनी ने 8 करोड़ की लागत से पुल की मरम्मत भी कराई . इस ब्रिज की जांच करने वाली एजेंसी ने अपनी अपनी जांच के बाद लिख था कि ये पुल 100 से ज्यादा लोगों का बोझ नहीं उठा सकता है.लेकिन आज रविवार और दिवाली की छुट्टी का आखिरी दिन होने के कारण करीब पांच सौ लोग इस पुल पर पहुंच गये.
गौर करने वाली बात ये है कि इस पुल पर आने के लिए बाकायदा टिकट लेनी पड़ती है. यहां टिकट बेचने वाली कंपनी ने भी बिना कुछ सोचे समझे क्षमता से अधिक टिकट काट दिया.

