Thursday, January 29, 2026

मंत्री दयाशंकर सिंह और स्वाति सिंह कानूनी तौर पर हुए अलग, 22 साल बाद हुआ तलाक

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह DAYASHANKAR SINGH और उनकी पत्नी स्वाति सिंह में तलाक हो गया है. लखनऊ के अपर मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र नाथ सिंह ने फैसला सुनाया. पिछले साल ही फैमिली कोर्ट में तलाक का मामला दाखिल हुआ था जिस पर आज कोर्ट ने मंजूरी दे दी.

पिछले चार साल से दोनों अलग रह रहे थे

स्वाति सिंह ने 2012 में तलाक की अर्जी दाखिल की थी जिसको खारिज कर दिया गया था. फिर 2022 में दोबारा अर्जी देकर केस शुरू करने की अपील की थी. बाद में अर्जी को वापस लेते हुए नई याचिका दायर की गई थी. दयाशंकर सिंह और स्वाति सिंह का विवाह 18 मई 2001 को हुआ था. पिछले चार साल से दोनों अलग अलग रह रहे थे.

DAYASHANKAR SINGH से लखनऊ विश्व विद्यालय में हुई थी दोस्ती

दयाशंकर सिंह और स्वाती सिंह के रिश्ते की शुरुआत इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हुई थी. उस समय स्वाति सिंह इलाहाबाद में एमबीए की पढ़ाई कर रही थी. जबकि दयाशंकर सिंह लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सबसे आगे थे. विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में दोनों का मेलजोल बढ़ा था. दोनों ही बलिया के रहने वाले थे. बाद में दोनों विवाह के बंधन में बंध गए. शादी के बाद स्वाति सिंह ने लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी में पंजीकरण करा लिया. दयाशंकर सिंह से जुड़े छात्रों और विद्यार्थी परिषद के लोगों के बीच दोनों भैया-भाभी के नाम से मशहूर हो गए थे.

बीएसपी को मुंहतोड़ जवाब दिया था स्वाति सिंह ने

स्वाति सिंह का राजनीति में प्रवेश उस वक्त हुआ था जब दयाशंकर सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को लेकर एक टिप्पणी कर दी थी. उसके बाद जब विवाद हुआ और पूरी बसपा सड़कों पर उतर आई थी. दयाशंकर सिंह के परिवार को बीच में घसीटा जाने लगा. पत्नी और बेटी के बारे में बुरा भला कहा जाने लगा. उस समय उनकी पत्नी स्वाति सिंह मुखर होकर सामने आई. स्वाति सिंह ने बीएसपी को मुंहतोड़ जवाब दिया. इस घटना के बाद वह सीधे भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष बनीं. बाद में विधायक और उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बनीं.

Latest news

Related news