Manoj Yadav : सपा प्रवक्ता मनोज यादव की गुमशुदगी को लेकर पिछले दो दिन से उत्तर प्रदेश में बवाल मचा हुआ है. मनोज यादव को लेकर उनके परिजनों ने अगवा होने की रिपोर्ट लखनऊ में लिखवाई है . गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने के बाद ये जानकारी सामने आई कि मनोज यादव ना तो अगवा किये गये है और ना ही लापता है बल्कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
Manoj Yadav : सपा प्रवक्ता मनोज यादव क्यों हुए गिरफ्तार ?
मनोज यादव की गुमशुदगी की खबर के बाद बाराबंकी पुलिस ने जानकारी दी है कि उन्हें धमकी देने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल करने के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है. मनोज यादव उर्फ बबलू यादव को पुलिस ने उनके साथियों समेत 11 फरवरी को ही गिरफ्तार कर लिया था . हलांकि परिजनों को इसकी सूचना नहीं दी गई थी.
11 फरवरी से लापता थे मनोज याद उर्फ बबलू यादव
परिजनों के मुताबिक मनोज यादव 11 फरवरी से लापता थे, तभी उन्होने पुलिस में इसके खिलाफ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.वहीं पुलिस का कहना है कि मनोज यादव को सफदरगंज से उनके साथियों के साथ गिरफ्तार करने के बाद मेडिकल कराया गया फिर उन्हें जेल भेजकर न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
बतया जा रहा है कि मनोज यादव के खिलाफ ये मुकदमा (मु0अ0सं0 50/26) 11 फरवरी को दर्ज किया गया था. जिसपर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है. लखनऊ में इस हाई प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से बवाल मचा हुआ है.
मनोज यादव को एक शादी समारोह से उठाया गया
मनोज यादव के गुमशुदगी के संबंध में लिखाई गई रिपोर्ट के मुताबिक यादव काकोरी में एक तिलक समारोह में शामिल होने पहुंचे थे लेकिन जब वहां से निकले तो उसके बाद अचानक उनका मोबाइल फोन बंद हो गया. पूरी रात संपर्क ना होने पर परिजनों ने लखनऊ के गोमती नगर विस्तार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
परिजनों को दावों के बाद गोमती नगर पुलिस ने छानबीन शुरु की और सीसीटीवी फुटेज देखने और मोबाइल लोकेशन की जांच के बाद ये साफ हुआ कि मनोज यादव लापता नहीं हुअ बल्कि उन्हें पुलिस अपने साथ ले गई थी. गोमती नगर पुलिस अब तिलक समारोह से लेकर गिरफ्तारी तक के घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है ताकि गायब होने और पकड़े जाने के बीच का समय स्पष्ट हो सके.

