मणिपुर की दरिंदगी से कांपा देश, विपक्ष ने मणिपुर में सर्वदलीय टीम भेजने की मांग

दिल्ली :  संसद का मानसून सत्र की शुर हो गया है . संसद सत्र के पहले ही ये तय हो चुका है कि सत्र हंगामेदार होगा. मणिपुर के दरिंदगी वाले वीभत्स वीडियो से सारा देश गुस्से में है.लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने संसद भवन में आते ही सावन के पवित्र मास का उल्लेख करते हुए कहा कि उम्मीद है कि ये सत्र सकारात्मक होगा.

पीएम नरेंद्र मोदी ने आखिरकार मणिपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि “मणिपुर की जो घटना सामने आई है वो किसी भी सभ्य समाज के लिए ये शर्मसार करने वाली घटना है। गुनाह करने वाले कितने और कौन हैं, वो अपनी जगह पर हैं पर बेइज्जती पूरे देश की हो रही है। मैं सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता हूं कि वो अपने राज्यों में कानून व्यवस्थाओं को और मजबूत करें। खासतौर पर हमारी मातओं-बहनों की रक्षा के लिए कठोर से कठोर कदम उठाए.

लेकिन विपक्ष ने पहले ही ये साफ कर दिया है कि सदन में आज मणिपुर की दंरिंदगी पर सरकार से सवाल पूछे जायेंगे.  कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खड़गे ने सत्र शुरु होने से पहल ही कह दिया है कि कांग्रेस आज सदन मे सबसे पहले मणिपुर का मुद्दा उठायेगी. खड़गे ने बताया कि मणिपुर के मामले पर कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने भी चर्चा करने के लिए नोटिस दिया है. देखना होगा कि सदन में मुद्दा उठाने दिया जाता है या नहीं. खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर कहा कि मणिपुर में पिछले 80 दिन से घटनाएं घट रही है, लेकिन प्रधानमंत्री इसपर चुप हैं. वे विभिन्न देशों से आ गए पर उनके पास मणिपुर जाने के लिए समय नहीं है. वहां रेप हो रहे हैं. प्रधानमंत्री के पास 38 पार्टियों को बुलाने का समय है पर आप वहां नहीं जा रहे हैं. खड़गे ने ये भी कहा कि राहुल गांधी के पास कोई साधन नहीं था फिर भी वे मणिपुर गए और लोगों से मिलकर आए.

समाजवादी पार्टी ने मणिपुर की घटना पर कहा कि राज्य मे राष्ट्रपति शासन लगाने की जरुरत है.

कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां मणिपुर के मुद्दे पर सरकार के घेरने के लिए तैयार है , इस बीच सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष ने इस मुद्दे को सदन मे उठाने की बात कही है, विपक्ष के सवाल पर सरकार से कोई ना कोई जवाब देगा.राजनाथ सिंह ने ये कह कर पल्ला झाड़ लिया है वहीं विपक्ष इस मामले पर पर प्रधानमंत्री से सदन में जवाब देने की मांग कर रहा है.

इस बीच जानकारी ली है कि दो महिलाओं के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपियों में से एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. लेकिन जहां हजार लोगों की हिंसक भीड़ महिलाओं को नि’र्वस्त्र कर उसकी परेड और उसके साथ यौन हिंसा करती है तो उस भीड़ मे से एक को गिरफ्तार करने से एक चुनी ही सरकार का जिम्मेदारियां पूरी हो जाती है?

राज्य में डबल इंजन की सरकार है,लेकिन पिछले 80 दिनों में राज्य से कानून व्यवस्था का नामों निशान मिट गया है. राज्य की बीजेपी सरकार पूरी तरह से कानून व्यवस्था के पालन में फेल है.

 

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