Maharashtra Politics: औरंगजेब के बहाने चढ़ा सियासी पारा, बीजेपी ने उद्धव से मांगा जवाब

मुंबई (MUMBAI): महाराष्ट्र में एनसीपी नेता जीतेंद्र अह्वाड के बयान ने एक बार फिर से राजनीति को गर्मा दिया है.हाल ही में एमसीपी नेता अजीत पवार के दिये बयान का बचाव करते हुए जीतेंद्र आह्वाड ने पुणे में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वो कह दिया जिससे बीजेपी के नेताओं का पारा गर्म हो गया है. एनसीपी नेता जीतेंद्र अह्वाड ने अपने साथी अजीत पवार के एक बयान का समर्थन करते हुए कहा कि औरगंजेब कोई क्रूर शासक या हिंदु विरोधी नही था.अगर वो क्रूर और हिंदु विरोधी होता को बहादुर गढ़ के किले में मौजूद भगवान विष्णु के मंदिर को भी तोड़ देता.

बीजेपी ने उद्धव ठाकरे से मांगा जवाब

महाराष्ट्र में बीजेपी ने जीतेंद्र आह्वाड के इस बयान पर एनसीपी के साथ साथ उद्धव ठाकरे को भी घेर लिया है और जवाब मांग रहे हैं.

बीजेपी के प्रवक्ता राम कदम से उद्धव ठाकरे से सवाल किया है कि “छत्रपती शिवाजी महाराज जी को कैद करनेवाला… 46 लाख हिंदुओं की हत्या करनेवाल..काशी,मथुरा, सोमनाथ और देश में लाखों हिंदू मंदिरों को ध्वस्त करनेवाला ,सिंहासन के लिए अपने पिता को भी कैद में डालने वाला. अपने भाई की निर्मम हत्या करने वाला ,हिंदुओ पर जज़िया कर लगानेवाला ,गुरु तेग बहादुर और छत्रपती संभाजीराजे जी की अमानवीय निर्ममता से सर कलम कर के  हत्या करनेवाला औरंगजेब क्या उनकी नजर में क्रूर शासक नहीं था. क्या राष्ट्रवादी दल के नेताओं का मानना है की वो क्रूर नहीं बल्कि महान योद्धा था? बीजेपी प्रवक्ता ने शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे से सवाल किया है कि क्या आपके ले ये बयान ठीक है.,क्या आपको यह स्वीकार है ? आदित्यजी आप भी खामोश ?

बीजेपी प्रवक्ता राम कदम ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे ऐसे सवालों पर चुप्पी रखेंगे तो बालासाहेब के कार्यकर्ता यह कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे और जल्द ही वे एकनाथ शिंदे जी का हाथ थामेंगे.

क्या है मामला ?

एक सप्ताह पहले एनसीपी नेता अजित पवार ने विधानसभा में कहा था कि छत्रपति संभाजी महाराज ‘धर्मवीर’ नहीं थे. अजीत पवार के इस बयाने ने बीजेपी  को मौका दिया और एक बार फिर से महाराष्ट्र में ऐतिहासिक शख्सियतों को लेकर विवाद बढ़ गया है. बीजेपी ने अजीत पवार के बायन को संभाजा का अपमान बताया .बीजेपी लगातार इस मामले में विरोध प्रदर्शन कर रही है. महाराष्ट्र में अजीत पवार के संभाजी महाराज वाले बयान पर सियासत गरमाईं हुई है. आज एनसपी नेता जीतेंद्र अह्वाड ने अजीत पवार के समर्थन में आते हुए कहा कि औरगंजेब कोई क्रूर शासक नहीं था. अगर वो क्रूर होता तो वो बहादुरगढ़ के किले में मौजूद भगवान विष्णु के मंदिर को भी तोड़ देता .

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