LokSabha Speaker : शर्तों की राजनीति पर अब छिड़ी तकरार,सत्तापक्ष ने लगाये विपक्ष पर गंभीर आरोप

LokSabha Speaker को लेकर पक्ष और विपक्श के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है. थोड़ी देर पहले तक आम सहमति बनाने की कोशिश करती दिख रही बीजेपी ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के खिलाफ जुबानी जंग छेड़ दी है. एनडीए के नेताओं की ओर से ये कहा जा रहा है कि इंडिया गठबंधन नें शर्तें रख कर परंपरा का अपमान किया है. विपक्ष शर्तों के आधार पर सरकार चलाना चाहता है. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एनडीए में शामिल हुए जेडीयू नेता ललन सिंह उर्फ राजीव रंजन ने कहा कि स्पीकर पद के लिए एनडीए की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की केसी वेणुगोपाल और टीआर बालू से बात हुई. रक्षा मंत्री ने उन्हें स्पीकर के पद के लिए चुने गये उम्मीदवार के बारे में बताया  लेकिन विपक्ष के नेता इस शर्त पर अड़ गये कि वो स्पीकर के पद पर तभी समर्थन करेंगे जब डिप्टी स्पीकर के पद पर विपक्ष से आने वाले नेता का नाम तय होगा.

LokSabha Speaker पर ललन सिंह का बयान 

जदयू नेता ललन सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह ने कहा कि विपक्ष अपनी शर्तों पर लोकतंत्र को चलना चाहता हैं, दवाब की राजनीति करना चाहता है.

वहीं लोकसभा में संसदीय कार्यमंत्री किरन रीजीजू का कहना है कि लोकसभा का सभापति किसी एक पार्टी का नहीं होता है, बल्कि पूरे सदन का होता है. इसलिए विपक्ष ने जब स्पीकर के पद के लिए नामांकन किया है तो ये अफसोस की बात है, क्योंकि अब तक कभी स्पीकर के पद के लिए चुनाव नहीं हुआ है.

दरअसल सत्ता पक्ष का आरोप है कि  विपक्ष डिप्टी स्पीकर के पद पर अड़ गया था.  विपक्ष की तरफ से पहले ही कहा गया था कि अगर उन्हे उप सभापति का पद नहीं मिलता है तो लोकसभा सभापति पद के लिए अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे. आज सुबह ये खबर थी कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच के स्पीकर के नाम पर आम सहमति बन गई लेकिन जैसे ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी सदन मे पहुंचे , उनके बयान के बाद सियासत गर्मा गई.

राहुल गांधी ने कहा कि  रक्षामंत्री राजनाथ  सिंह का फोन आया था, उन्होंने स्पीकर के पद पर समर्थन मांगा और कहा कि एक राय बननी चाहिये . इस पर हमने उन्हें समर्थन देने की बात भी कही लेकिन डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलना चाहिये, ये भी कहा. राजनाथ सिंह ने कहा कि वो कांग्रेस अध्यक्ष को फोन करेंगे. लेकिन कोई फोन नहीं आया. मोदी कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं.राहुल गांधी ने कहा कि अगर विपक्ष को डिप्टी स्पीकर का पद मिलेगा तभी स्पीकर के पद पर समर्थन करेंगे.

पक्ष विपक्ष मे सहमति क कोशिश का नहीं निकल कोई हल

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आम सहसति बनाने के लिए राजनाथ सिंह ने विपक्षी दलों के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बैनर्जी और एम के स्टालिन से  बात की. विपक्ष ने नियम के मुताबिक डिप्टी स्पीकर विपक्ष से बनाने की मांग रखी. कांग्रेस का आरोप है कि सत्ता पक्ष ने नियम के मुताबिक मांगी गई उनकी मांग का जवाब नहीं दिया.और यहीं से बात बिगड़ गई.

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