Loksabha Election 2024: केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और नीलकंठ मुंडा के बीच जो दूरियां थी वो लोकसभा चुनाव में खत्म होती नजर आ रही है. अर्जुन मुंडा और नीलकंठ मुंडा की एक साथ आई तस्वीरें तो यही बताने की कोशिश कर रही है.
अर्जुन मुंडा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें की शेयर
पांच साल बाद मिले अर्जुन और नीलकंठ बीजेपी में रहकर भी दोनों नेताओं के बीच बहुत अच्छे संबंध नहीं रहे ह., 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच 21 अप्रैल को पहली मुलाकात हुई. इसकी पहल खुद अर्जुन मुंडा ने की. वो रविवार को खूंटी में नीलकंठ मुंडा के घर जाकर उनसे मुलाकात की. यही नहीं दोनों नेता एक साथ सरहूल महोत्सव में नजर आये. इन पांच सालों के दौरान दोनों की आमने-सामने कभी मुलाकात की तस्वीर नहीं दिखी . रविवार को इन तस्वीरों को खुद केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया.
आज खूंटी के विधायक मेरे छोटे भाई श्री नीलकंठ सिंह मुंडा जी के आवास पर जाकर मुलाकात की। इस दौरान उनसे चुनाव संबंधित कई विषयों पर चर्चा हुई।@MundaNilkanth pic.twitter.com/OV3cmod5iE
— Arjun Munda(मोदी का परिवार) (@MundaArjun) April 20, 2024
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बहुत कम अंतर से अर्जुन मुंडा खूंटी संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीते थे. उनका मुकाबला सीधे कांग्रेस उम्मीदवार कालीचरण मुंडा से था जो नीलकंठ मुंडा के भाई है. इस बार के चुनाव में भी कालीचरण कांग्रेस के उम्मीदवार है. नीलकंठ मुंडा के सामने धर्मसंकट की स्थिति तब भी थी और आज भी है कि वो पार्टी के साथ जाए या परिवार के साथ.
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Loksabha Election 2024
एक तरफ उनकी पार्टी के शीर्ष नेता अर्जुन मुंडा है तो दूसरी तरफ उनके भाई कालीचरण मुंडा. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के करीबी माने जाने वाले नीलकंठ मुंडा से अर्जुन मुंडा ने मुलाकात कर इस चुनाव में अपने लिए समर्थन मांगा. माना जाता है कि पिछले चुनाव की तरह इस चुनाव में भी खूंटी में कांटे का मुकाबला देखने को मिल सकता है. इसलिए अर्जुन मुंडा खुद नीलकंठ के घर गए और उनसे समर्थन मांगा.
इससे पहले अर्जुन मुंडा ने दो दिन पहले ओडिशा के राज्यपाल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के घर जाकर मुलाकात की थी. अर्जुन मुंडा अपनी ओर से कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहते है इसलिए अपने लिए समर्थन मांगने को खुद जा रहे है. पुराने खटास को खत्म करने की अर्जुन मुंडा की मुहिम इस बार क्या रंग लाती है ये तो चुनाव परिणाम के बाद ही दिखेगा.

