भारत में गैस संकट के बीच बड़ी खबर-अर्जेंटीना से आएगी LNG! अडानी पोर्ट्स को मिला 10 साल का बड़ा ठेका

Gautam Adani : देश में गैस की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी खबर सामने आई है.  गौतम अडानी की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) को अर्जेंटीना के पहले लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यात प्रोजेक्ट के लिए 10 साल का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है.

यह सौदा न सिर्फ अडानी समूह के वैश्विक विस्तार को नई दिशा देगा, बल्कि भविष्य में भारत की गैस आपूर्ति को भी मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है.

Gautam Adani : दक्षिण अमेरिका में अडानी समूह की बड़ी एंट्री

इस कॉन्ट्रैक्ट के साथ अडानी पोर्ट्स ने पहली बार दक्षिण अमेरिका के बाजार में कदम रखा है। इससे पहले कंपनी इजरायल और श्रीलंका जैसे देशों में अपने समुद्री कारोबार का विस्तार कर चुकी है।

कंपनी की सहायक इकाई ‘अडानी हार्बर इंटरनेशनल FZCO’ को अर्जेंटीना की मेरिडियन ग्रुप के साथ मिलकर यह प्रोजेक्ट मिला है। यह ठेका ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया के जरिए प्रदान किया गया है।

क्या होगा अडानी पोर्ट्स का काम?

प्रोजेक्ट डेवलपर सदर्न एनर्जी S.A. (SESA) के साथ हुए समझौते के तहत अडानी-मेरिडियन कंसोर्टियम LNG कैरियर जहाजों के लिए एंड-टू-एंड मरीन सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

इन सेवाओं में शामिल होंगे:

  • टगबोट ऑपरेशन
  • ऑफशोर लॉजिस्टिक्स और सप्लाई सपोर्ट
  • क्रू ट्रांसफर सर्विस
  • जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और संचालन

इसके लिए चार हाई-स्पेसिफिकेशन टगबोट, एक एंकर हैंडलिंग टग सप्लाई वेसल और एक विशेष क्रू बोट तैनात की जाएगी।

70 मिलियन डॉलर का निवेश

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस परियोजना से जुड़ा कुल निवेश लगभग 70 मिलियन डॉलर रहने का अनुमान है।

सरल शब्दों में कहें तो अर्जेंटीना के समुद्री तट पर LNG लेकर आने-जाने वाले विशाल जहाजों को सुरक्षित संचालन और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अडानी पोर्ट्स निभाएगा।

इस प्रोजेक्ट पर सितंबर 2027 से काम शुरू होने की संभावना है।

हर साल होगी करोड़ों की निश्चित कमाई

यह कॉन्ट्रैक्ट अडानी पोर्ट्स के लिए लंबी अवधि की स्थिर आय का स्रोत भी बनेगा। जानकारी के अनुसार कंपनी को इस सौदे के तहत हर साल लगभग 7 मिलियन डॉलर की सुनिश्चित आय प्राप्त होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दीर्घकालिक अनुबंध कंपनी की अंतरराष्ट्रीय आय बढ़ाने में मदद करेंगे और वैश्विक समुद्री सेवा बाजार में उसकी स्थिति को मजबूत बनाएंगे।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सौदा?

भारत वर्तमान में अपनी गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली सप्लाई पर जोखिम लगातार बढ़ रहा है।

ऐसे में अर्जेंटीना जैसे नए स्रोतों से LNG आपूर्ति की संभावनाएं भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

यदि भविष्य में अर्जेंटीना से भारत को LNG निर्यात बढ़ता है तो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भरता कम हो सकती है और आपूर्ति स्रोतों में विविधता आएगी।

2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा ऑपरेटर बनने का लक्ष्य

अडानी समूह ने वैश्विक स्तर पर अपने समुद्री और बंदरगाह कारोबार का तेजी से विस्तार किया है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा पोर्ट और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर बनना है।

अर्जेंटीना का यह नया प्रोजेक्ट उसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो अडानी पोर्ट्स को दक्षिण अमेरिका के तेजी से उभरते ऊर्जा बाजार में मजबूत उपस्थिति दिला सकता है।

अडानी समूह के लिए अर्जेंटीना के LNG एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट का 10 साल का कॉन्ट्रैक्ट अडानी पोर्ट्स के लिए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है. यह सौदा कंपनी को स्थिर आय देने के साथ-साथ दक्षिण अमेरिका में उसकी मौजूदगी को मजबूत करेगा। वहीं भारत के लिए भी यह भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा और गैस आयात के नए विकल्पों के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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