Korba Elephant Attack : छत्तीसगढ़ के कोरबा में जंगली हाथियों का कहर जारी है. पिछले लंबे समय से इस इलाके में हाथियों का आतंक है. गुरुवार को जंगली हाथी ने एक 55 साल की ग्रामीण महिला को कुचल दिया और इसके बाद और पांच जानवरों को कुचल कर मार डाला.

Korba Elephant Attack कोरबा में जंगली हाथियों का है आतंक
छत्तीसगढ़ के कोरबा और उसके आस पास जंगली हाथियों का प्रकोप है. यहां अक्सर हाथी निकल कर गांवों की तरफ आ जाते हैं और फिर जो सामने आता है वो उनका शिकार बन जाता है. बताया जा रहा है कि इस इलाके में पिछले पांच साल में हाथियों के आंतक के कारण कम से कम 300 लोगों की जानें जा चुकी हैं. गुरुवार की घटना के बाद सरकार ने मृतक महिला के परिवार को सांत्वना के रुप में 6 लाख रुपया मुआवजा देने का ऐलान किया है.
सुबह से गांव के बाहर घूम रहा था हाथी
वन विभाग के अधिकारियो के मुताबिक जंगली हाथी को गुरुवार सुबह साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कुसमुंडा कोयला खदान के पास गांवों भिलाई बाजार, खोदरी और रलिया गांवों में घूमते हुए देखा गया था. स्थानीय लोगों के मुताबिक रलिया गांव में 55 साल की गायत्री गौड़ पर हाथी ने तब हमला कर दिया जब वो सुबह की सैर के लिए अपने घर से निकली थी. हाथी के हमले के बाद उन्हे गंभीर चोटें आई जिसके बाद आसपास के लोगों ने उन्हें कोरबा के अस्पताल में भर्ती कराया. इलाज के दौरान ही महिला गायत्री गौड़ की मौत हो गई.
झुंड से अलग हो गया था हाथी
वन अधिकारियो के मुताबिक जिस हाथी ने खोदरी गांव में महिला को कुचला ,उसी हाथी ने गांव के और पांच जानवरों को भी कुचल डाला . हाथी ने गाय और उसके बछड़ों को कुचल कर मार डाला. अधिकारी के मुताबिक जब उन्हें एलर्ट मिला तो वन विभाग की टीम गांव पहुंची और लगातार हाथी पर नजर बनाये रखा. झुंड से अलग हुए हाथी की गतिविधियों वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाये हुए है.
प्रशासन ने मृतक महिला के परिजनों को तत्काल 25हजार रुपये की तत्काल मदद दी और कहा गया कि शेष 5 लाख 75 हजार रुपये आवश्यक औपचारिकताएं पूर होने के बाद दे दी जायेगी.

