KC Tyagi : जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन के बयानों और पार्टी के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक के.सी. त्यागी अब उनकी पार्टी से कोई औपचारिक रिश्ता नहीं रह गया है. पार्टी ने इसे एक तरह से उनकी “सम्मानजनक विदाई बताया है. कहने का तात्पर्य ये कि पार्टी ने उनके साथ लंबे और पुराने संबंधों का सम्मान करते हुए बिना किसी औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई के उनके लिए पार्टी छोड़ने का रास्ता साफ कर दिया है.
Patna, Bihar: On JDU leader KC Tyagi’s statement, JD(U) National Spokesperson Rajeev Ranjan Prasad says, “Several statements by KC Tyagi have emerged recently. These do not reflect the official party position or policies. Therefore, his remarks should be regarded as given in a… pic.twitter.com/XVXgp2JFaR
— IANS (@ians_india) January 10, 2026
KC Tyagi की पार्टी से विदाई क्यों ?
हाल के दिनों में के.सी. त्यागी ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के IPL (KKR) से हटने को लेकर कुछ बयान दिया था जिसे पार्टी लाइन से अलग माना गया. त्यागी के बयानों और कुछ गतिविधियों के कारण जेडीयू के अंदर असंतोष की खबरें भी आ रही थी. सूत्रों के मुताबिक पार्टी में इस बात को लेकर भी असंतोष था कि उन्होंने कई बार पार्टी लाइन से अलग स्टैंड लिया, जिसका बाद अब जेडीयू नेतृत्व ने उनसे दूरी बनाने का फैसला किया है.
सीएम नीतीश कुमार के लिए मांगा भारत रत्न
हाल ही में केसी त्याग ने पार्टी सुप्रीमो नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करते हुए पीएम मोदी को एक पत्र लिखा था. त्यागी ने पत्र में लिखा था कि जैसे बीते साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से नवाजा गया, उसी तरह से नीतीश कुमार भी इसके हकदार हैं , उन्हें भी भारत रत्न मिलना चाहिये.
#WATCH | Delhi: JD(U) leader KC Tyagi says, “PM Narendra Modi had conferred Bharat Ratna on late Chaudhary Charan Singh and late Karpoori Thakur. We extend our gratitude. Nitish Kumar is one of the most fantastic leaders associated with the socialist movement who is still alive.… pic.twitter.com/vjzVpi0Mje
— ANI (@ANI) January 9, 2026
हलांकि जेडीयू ने नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की त्यागी की इस मांग से किनारा कर लिया. इस मांग पर पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, ‘के.सी त्यागी की इस मांग का पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से कोई लेना नहीं होता है. दरअसल, वह जेडीयू के साथ हैं या नहीं, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को ये भी पता नहीं है. इसलिए उनके बयानों को और उनकी विज्ञप्ति को उनकी निजी क्षमता में दिए गए बयान के तौर पर लेना चाहिए.’
पार्टी के साथ लंबे संबंध का लिहाज
त्यागी के पत्र के बाद पार्टी में अंदरुनी विरोध बढ़ गया और अब बताया जा रहा है कि दोनों के बीच सम्मानजनक अलगाव हो चुका है. हालांकि जेडीयू ने अभी तक उनके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है .बताया जा रहा है कि इसके पीछे एक लंबे और पुराने संबंधों की बात हैं. जनता दल यूनाइटेड के भीतर लोगों का मानना है कि त्यागी एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता रहे हैं.लंबे समय तक पार्टी में अहम भूमिकाएं निभाई हैं,इसलिए नेतृत्व उनके साथ किसी तरह का टकराव नहीं चाहता है. हलांकि प्रवक्ता राजीव रंजन के बयान ने ये साफ कर दिया है कि केसी त्यागी अब पार्टी की नीतियों, फैसलों और आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं.

