Kashi Yogi Adityanath : काशी में इन दिनों प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्धार कार्य के बीच ऐतिहासिक चबूतरे और महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति की ध्वस्तीकऱण के बाद लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. लोग सौंदर्यीकऱण की आड़ में यहां की प्रसिद्ध मूर्तियों को गिराये जाने से नाराज हैं. काशी ही नहीं देश के दूसरे हिस्सों से भी विरोध की आवाजे आ रही है. विरोध के इन आवाजों के बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज काशी पहुंचे हैं. सीएम योगी ने सबसे पहले यहां आकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन किये और पूजा अर्चना की.
#WATCH | Varanasi, Uttar Pradesh: CM Yogi Adityanath offers prayers at the Kashi Vishwanath Temple. pic.twitter.com/iGOL9abuSn
— ANI (@ANI) January 17, 2026
Kashi Yogi Adityanath : मणिकर्णिका घाट पर बुल्डोजर चलने से मचा है बवाल
पिछले करीब एक सप्ताह से काशी में मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्यों के लिए हो रहे ध्वस्तीकरण का काम चल रहा है. देवी देवताओं की मूर्तियां जमींदोज की जा रही है, जिसके कारण राजनीतिक घमासान मचा हुआ है.काशी के इस प्रसिद्ध स्थान पर जेसीबी चलने और प्राचीन मूर्तियों और संरचनाओं को ढहाए जाने की तस्वीरों से उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में माहौल गरमा गया है. विपक्षी दल लगातार इस ध्वस्तीकरण की तुलना मुगल शासकों से कर रहे हैं. विपक्षी दलों के लगातार हमले के बीच आज शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ काशी पहुंचे हैं. सीएम योगी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके विपक्ष के सवालो के जवाब दिये.
जनपद वाराणसी में पत्रकार बंधुओं से वार्ता… https://t.co/jWafsvExIV
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 17, 2026
वाराणसी डीएम ने भी दी है सफाई
शिवभक्तो के आस्था का केंद्र और मोक्ष की नगरी काशी में इस तरह से देवी देवताओं की गिरती मूर्तियां लोगों की आस्था पर चोट कर रही हैं. वहीं विपक्षी दल कांग्रेस और सपा का का आरोप हैं कि विकास के नाम पर सदियों पुरानी मूर्तियां, विशेषकर देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा, तोड़ी गई हैं. विपक्ष के आरोपों के बाद वाराणसी के डीएम, मेयर और क्षेत्रीय बीजेपी विधायक ने सफाई दी है कि किसी मंदिर को तोड़ा नहीं गया बल्कि मूर्तियों को संरक्षित करके रखा गया है. जैसे ही निर्माण कार्य पूरा होगा , इन मूर्तियों को पुनर्स्थापित किया जाएगा.

