Vichar Nag Temple in Jammu Kashmir: भारत देश में जन्नत कहे जाने वाला कश्मीर कभी आतंकवाद की गर्द में फंसा था. जहां लोगों का जाना तो दूर कई इलाकों में तो तिरंगा फहराना भी मुश्किल था. 1990 के दौर में जब कश्मीरी हिन्दुओं को रातों रात वहां से निकाला गया तो उसके बाद वहां बहुत कुछ हुआ हालत ये थी कि हिन्दू मजहब से जुड़े लोगों का पूजा पाठ से लेकर वहां रहना तक दुश्वार कर दिया गया था. उसी दौरान वहां एक मंदिर था जिसे इस वक्त कुछ विशेष समुदाय से जुड़े आक्रांताओं ने बंद करा दिया था.
कश्मीर में 35 सालों से बंद पड़ा एक प्राचीन मंदिर को खोला गया
शर्म की एक बात ये भी थी कि उस दौर की सरकार सब शांति से देख रही थी. लेकिन आज का दौर अलग है. जब से केंद्र में बीजेपी सरकार आई है देश के हर कोने से आतंकवाद को तो उखाड़ फेंका ही बल्कि राम मंदिर जैसे मुद्दों ने जनता के बीच नई आस जगाई. ऐसा ही कुछ जम्मू कश्मीर में हुआ जब धारा 370 हटाकर वहां की जनता को नए भविष्य की और ले जाया गया. इसी कड़ी में केंद्र की बीजेपी सरकार ने कश्मीर में 35 सालों से बंद पड़ा एक प्राचीन मंदिर को खुलाया.
ये भी पढ़ें: Shri RamTemple Sukma : सुकमा में CRPF ने खोले श्रीराम मंदिर के कपाट,21…
इसकी मान्यता कश्मीरी हिन्दुओं में ज्यादा थी लेकिन 1990 के दौर में उसे बंद कर दिया गया था. मंगलवार को कश्मीर के सौरा क्षेत्र में एक मंदिर को खोला गया. इस प्राचीन मंदिर का नाम वेचर नाग है. यह मंदिर 1990 के दशक में महत्वपूर्ण स्थान माना जा था. यह मंदिर वार्षिक कैलेंडर जारी करता था और हर एक दिन के लिए कार्यक्रम तय करता था.
Jammu Kashmir: मंदिर के खुल जाने से कश्मीरी पंडित हैं खुश
35 साल बाद मंदिर को दुबारा खोले जाने पर कश्मीरी पंडित भी खुश नज़र आए और इस मौके पर भरी संख्या में मौजूद रहे. मंदिर खोले जाने पर कश्मीरी पंडितों का कहना है कि यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है. श्रीनगर में रहकर भी आज तक इस जगह को नहीं देख पाई हूं. जब मैंने यहां प्रवेश किया तो नज़ारा देखकर बहुत अच्छा लगा.
एक बार फिर हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा देखने को मिलेगा
इस मंदिर के खुल जाने से सिर्फ कश्मीरी हिन्दू ही नहीं बल्कि मुस्लिम महिलाएं भी खुश हैं. इस मंदिर के खुल जाने से एक बार फिर हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा देखने को मिलेगा. जानकरी के लिए आपको बता दें कि मंदिर खुलने के समय मौके पर हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय की खास तौर पर मौजूद रहे.
इन्होने बधाई देते हुए कहा कि हमारी बहुत पुराणी परंपरा है. प्रकृति पूरी दुनिया को चलाती है. हमारी सनातन परंपरा का संरक्षण करना जरूरी है. आगे कहा कि देश में हिन्दू-मुस्लिम में एकता होनी चाहिए. इन सब बातों से उठकर सारे कश्मीरियों को एक होना चाहिए. मैं रमजान और ईद के मौके पर सारे मुस्लिम भाइयों को मुबारकबाद देना चाहता हूं.

