#IranUSWar : तेहरान/वाशिंगटन: पिछले पांच हफ्तों से जारी ईरान और अमेरिका के बीच की जंग अब अपने सबसे विनाशकारी दौर में पहुंच गई है. अमेरिकी वायुसेना (USAF) के लिए बीते 24 घंटे किसी बुरे सपने से साबित हुए हैं. एक के बाद एक अमेरिकी विमानों के गिरने और हेलीकॉप्टरों पर हुए हमलों ने पेंटागन की चिंता बढ़ा दी है. वाशिंगटन की ‘एयर सुपीरियरिटी’ (वायु वर्चस्व) के दावों को धता बताते हुए ईरान ने दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया है.
BREAKING: Both crew members from the downed F-15E have been rescued from Iranian territory, according to sources familiar with the matter citing CENTCOM. The second rescue helicopter was hit by MANPADS fire during the extraction. Iran put a $60,000 bounty on the pilots, armed… pic.twitter.com/hlNZcZdDGt
— The Hormuz Letter (@HormuzLetter) April 3, 2026
#IranUSWar : F-15E और A-10 वारथॉग का शिकार
जानकारी के मुताबिक, ईरान की सीमा के भीतर सैन्य अभियान पर निकला एक F-15E स्ट्राइक ईगल (F-15E Strike Eagle) भीषण गोलाबारी का शिकार होकर क्रैश हो गया. इस विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से एक को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है.
वहीं, दूसरी घटना कुवैत के ऊपर हुई, जहां अमेरिकी A-10 वारथॉग (A-10 Warthog) अटैक एयरक्राफ्ट को निशाना बनाया गया. यह विमान फारस की खाड़ी में जा गिरा, हालांकि पायलट सुरक्षित निकलने में सफल रहा. ईरानी मीडिया ने कुवैत स्थित ‘कैंप बुहरिंग’ पर हुए हमलों की तस्वीरें जारी की हैं, जिसमें एक बोइंग CH-47 चिनूक हेलीकॉप्टर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है.
रेस्क्यू मिशन पर भी हमला, ब्लैक हॉक आए चपेट में
लापता पायलट को खोजने के लिए अमेरिका ने HH-60W जॉली ग्रीन II (ब्लैक हॉक) रेस्क्यू हेलीकॉप्टर भेजे थे। लेकिन ईरानी सेना ने इन पर भी भारी गोलीबारी की। हालांकि हेलीकॉप्टर किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन इस हमले में कुछ अमेरिकी जवानों के घायल होने की खबर है। इसके अलावा, तकनीकी खराबी और हमलों के कारण एक F-16 फाइटर जेट और दो KC-135 टैंकर विमानों को भी इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी.
ईरान का ‘पायलट हंट’ और सत्ता परिवर्तन की चुनौती
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दक्षिण-पश्चिम ईरान में लापता अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. इसे ईरान ने ‘पायलट हंट’ का नाम दिया है.
ईरानी के अंदर लापता हुए अमेरिकी पायलट को संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने युद्ध का टर्निंग प्लाइंट बताया. उन्होने कहा
“यह युद्ध का टर्निंग पॉइंट है. अब लड़ाई सिर्फ सत्ता परिवर्तन की नहीं रह गई है, बल्कि अब यह अमेरिकी पायलटों की तलाश पर केंद्रित हो गई है.”
युद्ध का घटनाक्रम: एक नज़र में नुकसान
| विमान/हेलीकॉप्टर | स्थिति | स्थान |
| F-15E स्ट्राइक ईगल | मार गिराया (1 पायलट लापता) | ईरान के भीतर |
| A-10 वारथॉग | क्रैश (पायलट सुरक्षित) | फारस की खाड़ी |
| बोइंग CH-47 चिनूक | भारी क्षति | कैंप बुहरिंग (कुवैत) |
| HH-60W ब्लैक हॉक | हमले की चपेट में (जवान घायल) | रेस्क्यू जोन |
| F-16 फाइटर जेट | इमरजेंसी लैंडिंग | अज्ञात बेस |
य़ुद्ध में पहली बार अमेरिका को हुआ इतना बड़ा नुकसान
28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में यह पहली बार है जब अमेरिकी वायुसेना को इतनी कम अवधि में इतना बड़ा सामरिक नुकसान उठाना पड़ा है. फिलहाल पूरा फोकस उस लापता पायलट पर है, जिसकी तलाश में अमेरिका और ईरान दोनों की टीमें आमने-सामने हैं.

