स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 22 भारतीय जहाज, 3 लाख मीट्रिक टन LPG अटकी, भारत सरकार ने बताया जहाजों के निकालने का प्लान 

Strait of Hormuz Indian Ships Stranded , नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) में भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. मंगलवार को शिपिंग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने एक साझा प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि वर्तमान में भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज इस क्षेत्र में यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में फंसे हुए हैं. इनमें सबसे बड़ी चिंता भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर है क्योंकि करीब 3 लाख मीट्रिक टन लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) इन जहाजों में लदी हुई है.

Strait of Hormuz में फंसे जहाजों का गणित

शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फंसे हुए 22 जहाजों में विभिन्न श्रेणियों के वेसल शामिल हैं:

  • 6 LPG कैरियर: जिनमें भारत की करीब 3 लाख मीट्रिक टन रसोई गैस है.
  • 4 क्रूड ऑयल टैंकर: जो कच्चा तेल लेकर आ रहे हैं.
  • 1 LNG टैंकर और 1 केमिकल प्रोडक्ट कैरियर.
  • 3 कंटेनर जहाज और 2 बल्क कैरियर.

राजेश कुमार सिन्हा के ने बताया कि एक ‘वेरी लार्ज गैस कैरियर’ (VLGC) की क्षमता लगभग 45,000 मीट्रिक टन होती है, जिसके आधार पर 6 जहाजों में फंसी LPG की मात्रा का अनुमान लगाया गया है.

राहत की खबर – ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ भारत पहुंचे

तनावपूर्ण स्थिति के बीच कुछ सकारात्मक अपडेट भी मिले हैं. भारतीय ध्वज वाले दो LPG टैंकर— ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’— 14 मार्च को सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर भारत पहुंच गए हैं. ये दोनों जहाज अपने साथ 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर आए हैं. इसके अलावा, ‘जग लाड़की’ नाम का क्रूड ऑयल टैंकर भी 81,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर यूएई के फुजैराह से भारत के लिए रवाना हो चुका है.

भारत ने ‘जहाजों की अदला-बदली’ के दावों को किया खारिज

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान ने भारत के सामने एक डील रखी है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत द्वारा जब्त किए गए तीन टैंकरों के बदले ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की पेशकश की थी.हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि

“ईरान के साथ ‘शिप स्वैपिंग’ (जहाजों की अदला-बदली) को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। हमारी प्राथमिकता जहाजों की सुरक्षित वापसी है और इसके लिए हम ईरान व अन्य संबंधित देशों के साथ कूटनीतिक संपर्क में हैं।”

क्यों जब्त हुए थे तीन तेल टैंकर?

पूरा विवाद 4 फरवरी, 2026 की उस घटना से जुड़ा है जब भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने मुंबई तट के पास तीन तेल टैंकरों— एमटी एस्फाल्ट स्टार, एमटी अल जाफजिया और एमटी स्टेलर रूबी को जब्त किया था. इन टैंकरों पर आरोप है कि इन्होने भारतीय ‘एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन’ (EEZ) में अवैध रूप से 30 मीट्रिक टन हेवी फ्यूल ऑयल (HFO) का ट्रांसफर किया था. इलेक्ट्रॉनिक डेटा और क्रू से पूछताछ में पता चला कि ये जहाज संघर्ष क्षेत्रों से सस्ता तेल लाकर अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में अवैध रूप से बेचते थे.

वैश्विक मंच पर ऊर्जा सुरक्षा की चिंता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लिया. वहां भी पश्चिम एशिया के संकट और ऊर्जा सुरक्षा पर इसके प्रभाव पर चर्चा हुई. भारत और यूरोपीय संघ दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि इस संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है.

 भारत सरकार की रणनीति क्या है ?

भारत सरकार अब ईरान के साथ मानवीय सहायता और सुरक्षित मार्ग को लेकर बातचीत तेज कर रही है, ताकि होर्मुज में फंसे शेष 22 जहाजों और उन पर मौजूद चालक दल को बिना किसी नुकसान के वापस लाया जा सके.

 

Latest news

Related news