KP Sharma Oli Arrested : काठमांडू : नेपाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब नई सरकार के शपथ ग्रहण के महज 24 घंटे के भीतर पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया. रैपर से राजनेता बने और राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता बालेंद्र शाह (बालेन शाह) ने 27 मार्च 2026 को नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. कार्यभार संभालते ही उन्होंने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कड़ा फैसला लेते हुए ओली और पूर्व गृहमंत्री को सलाखों के पीछे भेज दिया है.
KP Sharma Oli Arrested:76 मौतों का जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई
बालेन शाह की सरकार ने यह कदम सितंबर 2025 में हुए Gen Z (युवा-आंदोलन) के दौरान हुई हिंसा के मद्देनजर उठाया है. उस दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में 76 लोगों की जान गई थी और 2000 से अधिक लोग घायल हुए थे.
प्दर्शन के दौरान हुई मौतों के मामले की जांच के लिए गठित पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली और गृहमंत्री रमेश लेखक ने पुलिस फायरिंग रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया. आयोग ने इसे ‘आपराधिक लापरवाही’ माना और उन पर मुकदमा चलाने की सिफारिश की.
कहां से हुई गिरफ्तारी?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक:
-
केपी शर्मा ओली: उन्हें भक्तपुर स्थित उनके गुंडू आवास से हिरासत में लिया गया.
-
रमेश लेखक: पूर्व गृहमंत्री को सूर्यविनायक से गिरफ्तार किया गया.
दोनों नेताओं को फिलहाल काठमांडू पुलिस कार्यालय में रखा गया है और रविवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा. गिरफ्तारी के तुरंत बाद ओली को रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल भी ले जाया गया.
“प्रॉमिस इज प्रॉमिस”: नई सरकार का कड़ा रुख
नेपाल के नए गृहमंत्री सुधन गुरुंग ने इस कार्रवाई पर कहा, “प्रॉमिस इज प्रॉमिस. कानून के सामने कोई छोटा या बड़ा नहीं है. बालेन शाह ने युवाओं से न्याय का वादा किया था और 76 लोगों की मौत के जिम्मेदारों को सजा मिलकर रहेगी.”
बालेन शाह ने चुनाव के दौरान पिछले आंदोलन में मारे गए युवाओं के लिए न्याय को अपना सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था.
नेपाल में तनावपूर्ण स्थिति
ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ने इस गिरफ्तारी को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है. राजधानी काठमांडू समेत देश के कई हिस्सों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिसे देखते हुए नई सरकार ने भारी सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है. बालेन शाह के इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने यह साफ कर दिया है कि नेपाल की सत्ता अब नए और कड़े तेवरों के साथ आगे बढ़ेगी.

