Haridwar Hailstorm : उत्तराखंड के हरिद्वार में अचानक मौसम ने करवट ली और मूसलाधार बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने लोगों को हैरान कर दिया. धर्मनगरी के इलाके में आसमान से बड़े पैमाने पर ओले गिरने के कारण सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि कुछ स्थानों पर सड़कें बर्फ की चादर से ढकी नजर आईं. सड़कों के किनारे खड़े वाहनों के शीशे टूटने की खबर है, जबकि अचानक बदले मौसम के बीच राहगीरों को सुरक्षित जगह तलाशने के लिए भागना पड़ा.
Heavy rain and hailstones lashed Haridwar today, covering the roads in a white sheet of ice within minutes. A yellow alert is in place for parts of the state till October 11. https://t.co/3760t9R9md
— Kumaon Jagran (@KumaonJagran) October 9, 2026
इस घटना ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी. तेज बारिश और ओलों के कारण कुछ देर के लिए सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ. वहीं, खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
#WATCH | Haridwar, Uttarakhand: Heavy rain coupled with a severe hailstorm caused damage in the region, shattering car windshields
(Visuals show the damage caused to a few cars due to the hailstorm) https://t.co/2skUKt6lL4
— ANI (@ANI) October 9, 2026
Haridwar Hailstorm:अचानक हुई ओलावृष्टि से लोगों में दहशत
हरिद्वार के धर्मनगरी क्षेत्र में मौसम का मिजाज अचानक बदलने से लोग संभल भी नहीं पाए. तेज बारिश के साथ गिरने लगे ओलों ने सड़कों पर चल रहे लोगों को मुश्किल में डाल दिया. ओलावृष्टि की तीव्रता के चलते कई राहगीर बचने के लिए दुकानों, मकानों और अन्य सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए.
सड़क पर मौजूद दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रही. बारिश और ओलों के बीच वाहन चलाना मुश्किल हो गया. अचानक हुई इस मौसमी घटना से कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित होने की आशंका है.
वाहनों के शीशे टूटे, नुकसान की आशंका
भीषण ओलावृष्टि का असर खड़े वाहनों पर भी देखने को मिला. मिली जानकारी के अनुसार, सड़कों के किनारे खड़े कुछ वाहनों के शीशे टूट गए. ओलों की मार से वाहनों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं.
ओलावृष्टि के दौरान बड़े आकार के ओले गिरने पर कारों के शीशे, बॉडी और अन्य बाहरी हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है. हालांकि, हरिद्वार में क्षतिग्रस्त वाहनों की कुल संख्या और संपत्ति को हुए नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा फिलहाल उपलब्ध नहीं है.
किसानों की बढ़ी चिंता, फसलों को नुकसान की आशंका
बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है. खेतों में खड़ी फसलों पर ओले गिरने से पौधों, पत्तियों और बालियों को नुकसान पहुंच सकता है. विशेष रूप से उन फसलों पर असर पड़ने की आशंका है, जो इस समय खेतों में तैयार हो रही हैं या जिनकी वृद्धि का महत्वपूर्ण चरण चल रहा है.
तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि होने पर सब्जियों, बागवानी और अन्य मौसमी फसलों को भी नुकसान हो सकता है. हालांकि, हरिद्वार जिले में किन क्षेत्रों में सबसे अधिक असर पड़ा है और कितने क्षेत्र की फसल प्रभावित हुई है, इसकी पुष्टि के लिए सर्वेक्षण जरूरी होगा.
किसानों को वास्तविक नुकसान का पता फसलों का निरीक्षण और कृषि विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा.
मौसम में अचानक बदलाव से बढ़ी सतर्कता की जरूरत
हरिद्वार में हुई इस घटना ने एक बार फिर अचानक बदलते मौसम के दौरान सतर्क रहने की जरूरत को सामने रखा है. तेज बारिश और ओलावृष्टि के दौरान खुले स्थानों पर खड़े रहना, पेड़ों के नीचे शरण लेना या सड़क पर वाहन चलाते रहना जोखिम भरा हो सकता है.
ऐसी स्थिति में लोगों को चाहिए कि वे सुरक्षित और मजबूत छत वाले स्थान पर रुकें. वाहन चलाते समय ओलावृष्टि तेज होने पर सुरक्षित जगह पर वाहन रोकें और सड़क पर जल्दबाजी से बचें.
मौसम संबंधी चेतावनी जारी होने पर स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है. फिलहाल, हरिद्वार में हुई भीषण ओलावृष्टि के बाद लोगों को संपत्ति और फसलों को हुए नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आने का इंतजार है.

