मुंबई: देश में एक बार फिर से वायरल इंफेक्शन के मामले बढ़ रहे है. महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक 23 वर्षीय युवक की मौत के बाद पूरे महाराष्ट्र में स्वास्थ विभाग को अलर्ट पर रखा गया है. अकेले मुंबई में अब तक H3N2 से संक्रमित चार मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं. मुंबई में ही 28 मरीज H1N1 वायरस से भी संक्रमित हुए हैं. ये सभी अस्पताल में भर्ती कराये गये हैं. जनवरी से लेकर मार्च तक यहां इन्फ्लूएंजा के 118 मामले सामने आये हैं.
मुंबई में अब तक इंफ्लूएंजा के मामले
जनवरी में 19, फरवरी में 46 और मार्च में 53 मामले सामने आये हैं. मुंबई के दादर, प्रभादेवी, परेल, माटुंगा, भायकला और नागपाडा इन इलाकों में अदिक संख्या में मरीज पाये गये..सभी संदिग्ध मामलों को Oseltamivir नाम की दवाई दी जा रही है.
महाराष्ट्र में एलर्ट
महाराष्ट्र सरकार ने अलर्ट जारी किया है कि अगर बुखार 24 घंटों में कम नहीं होता है तो लैब टेस्ट करना जरूरी है (स्वैब टेस्ट की जरूरत नहीं है). Oseltamivir यह दवाई, म्युनिसिपल अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और कुछ मेडिकल के दुकानों पर उपलब्ध हैं .इसके अलावा बीएमसी हर रोज घर घर जा कर लोगों की जांच कर रही है.
क्या है H3N2 वायरस
H3N2 वायरस या इन्फ्लूएंजा A भी एक प्रकार का वायरस है जिससे संक्रमित होने पर मरीजों को तेज बुखार, फ्लू जैसे लक्षण, सूखी खांसी और सांस लेने मे तकलीफ, थकान जैसे लक्षण आते हैं, जो लगभग तीन सप्ताह तक बने रह सकते हैं.
H3N2 वायरस को लेकर केंद्र ने जारी किया है गाइडलाइन
देश में H3N2 वायरस के संक्रमण को देखते हुए केंद्र ने सभी राज्यों के लिए गाइडलाइन्स जारी किये हैं.कहा गया है कि बीमार बुजुर्गों और बच्चों को इस वायरस से सावधान रहने की जरुरत है. डॉक्टर्स का कहना है कि H3N2 से बचाव के लिए निगरानी और सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके.
मार्च अंत तक मिल सकती है राहत
डाक्टर्स ये संभावना जता रहे हैं कि मार्च के अंत तक वायरल फ्लू के मामलों में राहत मिल सकती है. भारत में हर साल दो बार फ्लू के सीजन आते हैं. जनवरी से मार्च तक और मानसून खत्म होने के बाद यानी जुलाई अगस्त से अक्टूबर-नवंबर तक..लेकिन मौसम के बदलते ही इनका असर कम होने लगता है. डाक्टर्स अनुमान लगा रहे हैं कि इस इंफ्लूएंजा से भी मार्च के अंत तक राहत मिल सकती है.

