दिल्ली मोदी सरनेम (Modi surname defamation case) मामले में मानहानि की सजा के खिलाफ राहुल गांधी की अपील पर कल यानी शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट का फैसला आयेगा. राहुल गांधी ने सूरत कोर्ट से इस मामले (Modi surname defamation case) में मिली अधिकतम सजा पर रोक लगाने के लिए गुजरात उच्च न्यायलय में अपील की थी.
Gujarat High Court will pronounce the judgement on Rahul Gandhi's plea seeking stay on his conviction in the defamation case over Modi surname remark on July 7.
— ANI (@ANI) July 6, 2023
लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान भाषण पर मिली थी सजा
राहुल गांधी को लोकसभा चुनाव 2019 में चुनाव प्रचार अभियान के दौरान एक जनसभा में मोदी सरनेम (Modi surname defamation case) को लेकर दिये दिये बयान पर सूरत कोर्ट से 23 मार्च को 2 साल की सजा सुनाई गई थी. मानहानि के मामले में ये अधिकतम सजा है जो किसी को दी जा सकती है. इसी सजा के कारण राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी. खुद को मिली अधिकतम सजा के खिलाफ राहुल गांधी ने इससे पहले सूरत कोर्ट में अपील की थी,जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था. अब सबकी निगाहें गुजरात हाइकोर्ट पर टिकी है.

राहुल गांधी का क्या था बयान ?
राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान सूरत में चुनाव प्रचार करते हुए भ्रष्टाचार को लेकर कथित बयान दिया था कि –सभी चोरों के सरनेम मोदी ही क्यों होते हैं.(राहुल गांधी ने ललित मोदी का भी जिक्र किया था)
बयान के खिलाफ पूर्णेश मोदी ने दर्ज कराया था केस
राहुल गांधी के इस बयान के आधार पर बीजेपी नेता पूर्णेश मोदी ने सूरत कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का दावा किया था. पूर्णेश मोदी ने कहा कि राहुल गांधी ने ऐसा बोलकर मोदी सरनेम को बदनाम किया है. पूर्णेश मोदी ने इसे 12 करोड़ लोगों का अपमान करार दिया था.
गुजरात हाइकोर्ट में राहुल गांधी की दलील
राहुल गांधी की तरफ से गुजरात हाइकोर्ट में वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंहवी ने बहस की. अभिषेक मनु सिंहवी ने दलील दी कि गुजरात में मोढ़ और तेली जाति अपने लिए मोदी सरनेम लिखते हैं.इसे राहुल गांधी के भाषण से जोड़ना सही नहीं है.
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इस मामले में याचिका दायर करने वाले बीजेपी नेता पूर्णेश मोदी ने दलील दी थी कि राहुल गांधी ने मोदी सरनेम वाले 12 करोड़ लोगों का अपमान किया है, उनकी मानहानि की है. अभिषेक मनु सिंहवी ने कहा कि ये अपने आप में एक मजाक है.

