Monday, January 26, 2026

गोपाल खेमका मर्डर केस का खुलासा,हत्याकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार…4 लाख में दी गई थी सुपारी

Gopal Khemka Murder Case :  बिहार के बड़े कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या की गुत्थी पटना पुलिस ने सुलझा लिया है. पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि गोपाल खेमका मर्डर केस में संलिप्त सभी आरोपियो को गिरफ्तार किया जा चुका है.

Gopal Khemka Murder Case : मुख्य आरोपी गिरफ्तार 

पुलिस ने जानकारी दी कि खेमका हत्याकांड के मुख्य आरोपी शूटर उमेश यादव को पुलिस ने रविवार को पटना से ही पकड़ा. पुलिस के मुताबिक गोपाल  खेमका की हत्या की साजिश अशोक साव ने रची थी. अशोक साव ही पूरे मामले का मास्टर माइंड था. उसने ही शूटर उमेश यादव को गोपाल खेमकी की हत्या के लिए सुपारी दी थी. पुलिस के मुताबिक अशोक साव पुलिस रिकार्ड में पहले से ही कई आपराधिक मामलों में नामजद रहा है.

हत्यारों को पाताल से भी ढूंढ़ लायेंगे- संजय मयूख, प्रवक्ता बीजेपी

गोपाल खेमका की हत्या को लेकर बिहार के साथ साथ देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई है. बिहार में एनडीए सरकार की कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल उठाये जा रहे हैं इन आरोपों का जवाब देते हुए दिल्ली में भाजपा के प्रवक्ता संजय मयूख ने कहा कि बिहार में सरकार अपराध मुक्त शासन देने के लिए प्रतिबद्ध है.व्यापारी गोपाल खेमका के हत्यारे चाहे पाताल मे भी छुपे हों उन्हें ढूंढकर निकाल लाया जायेगा.

खेमका हत्याकांड के जांच की निगरानी खुद कर रहे हैं नीतीश कुमार

व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या के बाद से बिहार की एनडीए सरकार पर चौतरफ दवाब है.इसे देखते हुए सीएम नीतीश कुमार खुद इस पूरे मामले की निगरानी में जुटे हुए हैं. मामले में मुख्य आरेपी की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता है.

क्यों हुई गोपाल खेमकी की हत्या ?

पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि गोपाल खेमका और अशोक साव के बीच संपत्ति को लेकर विवाद था. दोनों जमीन के कारोबार से जुड़े थे और उनके बीच लगातार हितों का टकराव चल रहा था. करोड़ों की जमीन को लेकर दोनो के बीच लंबे समय से टकराव चल रहा था. पुलिस का मानना है कि आखिरकार अशोक शाह ने टकराव खत्म करने के लिए गोपाल खेमका को रास्ते से हटाने का फैसला किया. इसके लिए पेशेवर अपराधी उमेश यादव को 4 लाख रुपए में गोपाल खेमका की हत्या के लिए सुपारी दी गई थी.

पुलिस के जांच में ये बात सामने आई है कि अशोक साव ने 4 लाख में सुपारी दी और 50 हजार एडवांस देकर सौदा तय किया. बाकी पैसा काम होने के बाद देने की बात हुई थी.

अशोक साव तक कैसे पहुंची पुलिस ?

छानबीन के दौरान पुलिस को जो सुराग मिले उसके आधार पर पुलिस टीम ने अशोक साव के ठिकानों पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान साब के घर से कई जमीनों के कागजात और कुछ ओडियो क्लीप्स मिले ,जिसमें लेन-देन के बारे में बात थी.  इन्ही दस्तावेजों से मिले सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो मामले का खुलासा हो गया.

अशोक साव का लालू यादव से संबंध ?

इस बीच एक और जानकारी सामने आई है, जिससे इस अपराध के तार राजद से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं. जेडीयू ने इसे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से जोड़ा है.  जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने राजद सुप्रीमो पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि आरोपी अशोक शाह लालू प्रसाद यादव के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सुमन नायक के किरायेदार रह चुके हैं. अशोक साव मूल रुप से एक सरिया व्यापारी होने के साथ-साथ बिल्डर भी है. लालू यादव के अकाउंटेट सुमन नायक के किरायेदार होने के नाते जेडीयू ने अशोक साव को राजद से जोड़ दिया है.

क्या अपराधियो का है राजनेताओं से संबंध ?

दरअसल पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इस तरह की घटनाएं राज्य सरकार को बदनाम करने की नीयत से तो नहीं की जा रही है. जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि हत्या की ये पूरी घटना सरकार को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा हो सकती है.जेडीयू के इन्ही आरोपों को देखते हुए पटना पुलिस आरोपी अपराधियों के संबंधों की भी जांच कर रही है कि कहीं इन लोगों के संबंध किसी भी तरह से किसी राजनेता या राजनीति से जुड़े तो नहीं हैं ?

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