Tuesday, June 30, 2026
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गोधरा कांड में लोगों को जिंदा जलने के लिए मजबूर करने वाले फारुख को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

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Supreme Court File photo
Supreme Court File photo

दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले ने एक बार फिर से गोधरा दंगो के घाव जिंदा कर दिये हैं. 27 फरवरी 2002  को साबरमती एक्सप्रेस  ट्रेन में जिन लोगों ने चलती ट्रेन में आग लगा दी थी और लोगों को जिंदा जलने पर मजबूर कर दिया था,उनमें से एक आरोपी फारुख को आज सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. फारुख पर पत्थरबाजी करने और हत्या करने का मामला साबित हुआ था. फारुख ने चलती ट्रेन से आग लगने के बाद बाहर कूदने वाले लोगों पर पत्थरबाजी की ताकि वो ट्रेन से उतर ना पाये और जल कर उनकी मौत हो जाये. फारुख इसी मामले में 2004 से जेल में बंद है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि फारुख पिछले 17 साल जेल काट चुका है इस लिए उसे जेल से रिहा किया जाये.

गोधरा दंगा मामले में  फारुख को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट में गुजरात सरकार ने फारुख की जमानत का कड़ा विरोध किया. साॉलिसीटर जनरल तुषा मेहता ने कहा कि समान्य परिस्थितियों में पत्थप मारने का अपराध कम हो सकता था लेकिन जिस परिस्थिति में  पत्थरबाजी की गई वो असाधारण थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ये कहते हुए फारुख को जमानत दिया कि वो 17 साल की सजा काट चुका है. जमानत के मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डी. वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की अदालत में हुई.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 17 साल की सजा काट लेने के आधार पर हत्या और लोगों को जिंदा जलने के लिए मजबूर करने वाले दोषी को जमानत दी है. सुप्रीम कोर्ट में इसी मामले के 17 अन्य आरोपियो की सुनवाई जनवरी में होगी.

27 फरवरी 2002 के गोधरा कांड में  भीड़ ने अयोध्या से आ रही साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के कोच में आग लगा दी थी, जिसमें 59 कारसेवकों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी.इसके बाद पूरे गुजरात में दंगे हो गये थे.