Tuesday, January 13, 2026

I-PAC -ED Raid के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई स्थगित,हंगामे के बाद जज ने मामला सुनने से किया इंकार

I-PAC -ED Raid  : कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म  I-PAC के दफ्तर और इसके निदेशक प्रतीक जैन के घर और अन्य ठिकानों पर पड़ी प्रवर्तन निदेशालय के छापेमारी के मामले में कलकात्ता हाईकोर्ट में सुनवाई स्थगित कर दी गई है. कोर्टरुम में हंगामे की स्थिति को देखते हुए जस्टिस सुव्रा घोष ने कहा वो कुछ सुन नहीं पा रही हैं, जब मामले की सुनवाई हो रही है, तब कोर्ट रुम में हंगामा क्यों किया जा रहा है. मामले की सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई है. कोर्ट में देखा गया कि  इस मामले की सुनवाई से पहले कई वकील और दूसरे लोग कोर्टरूम में घुस गये और “बहुत ज़्यादा गड़बड़ी और हंगामा” किया.

I-PAC-ED Raid मामले में कोर्टरुम के अंदर क्या हुआ?

बताया गया कि शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय और आईपैक के द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई होना तय हुआ था लेकिन जब मामला सुनवाई के लिए आया तब कोर्टरूम के अंदर ED और TMC से जुड़े लोगों के बीच  झड़प हो गई जिसके कारण हंगामा  हो गया.  हंगामा इतना बढ़ा कि जज के बार बार अनुरोध करने के बावजूद व्यवस्था स्थापित नहीं हो सकी. जिसके बाद मामले  सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई है .

जस्टिस शुभ्रा घोष ने अपने आर्डर मे लिखा कि ‘जज के बार-बार सभी से शांति बनाए रखने और कोर्ट के सम्मान को बनाये रखने की अपील के बाद भी जब किसी ने जज की बात पर ध्यान नहीं दिया. कोर्ट ने बार बार अपील की ताकि  सुनवाई हो सके लेकिन जब “किसी ने नहीं सुनी” तब मामले की सुनवाई को स्थगित करना पड़ा.

कानूनी मामलों की रिपोर्टिंग करने वाली वेबसाइट  ‘बार एंड बेंच’ के मुताबिक जज ने अपने आर्डर में लिखा कि  “कोर्टरूम का माहौल सुनवाई शुरू करने या जारी रखने के लिए ठीक नहीं है. ऐसी स्थिति को देखते हुए, यह कोर्ट मामले को स्थगित करने के लिए मजबूर है.”

 ईडी रेड का मामला कैसे पहुंचा हाईकोर्ट ?    

गुरुवार को कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने साल्टलेक सिटी में स्थित पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के दफ्तर और इस फर्म के एक निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की और वहां से कई दस्तावेज जब्त कर लिये. छापेमारी की खबर मिलते ही सीएम ममता बैनर्जी छापेमारी वाली जगह पर पहुंची और दफ्तर के भीतर से कई दस्तावेज समेट कर बाहर आ गई.

सीएम ममता बैनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय गृहमंत्री अमित शाह के आदेश पर पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म के दफ्तर से टीएमसी के दस्तावेज और उम्मीदवीरों के बारे में जानकारी और  उनके चुनाव संबंधी डाटा चोरी करने आये थे. ममता बनर्जी ने छापमारी वाली जगह पर मीडिया से बात करते हुए गृहमंत्री अमित शाह पर उनकी पार्टी के डेटा चोरी करने के आरोप लगाये.

वहीं ईडी ने छापेमारी के दौरान सीएम ममता बैनर्जी के वहीं पहुंचने को ‘ सरकारी एजेंसी के काम में बाधा’ बताया और इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गये.

ईडी का कहना है कि वो आइपैक के दफ्तर में कोयला चोरी घोटाला के मामले में जांच करने पहुंचे थे क्योंकि उन्हें जानकारी मिली है कि कोयला चोरी से अर्जित किया गया पैसा आइपैक के दफ्तर में भी आय़ा था. इसी मामले में ED तलाशी लेने आई थी.

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