कोलकाता में सरकारी इमारत में भीषण आग,4,000 EVM जलकर खाक,’साजिश’ की थ्योरी हवा में गूंजी

Kolkata EVM Fire , कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण कोलकाता स्थित अलीपुर इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहाँ एक नौ मंजिला सरकारी इमारत में बुधवार को लगी भीषण आग में करीब 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर खाक हो गईं. चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी EVM का इस्तेमाल इसी साल राज्य में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान 10 अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में किया गया था.

राज्य के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा राज्यमंत्री कौशिक चौधरी ने गुरुवार को घटनास्थल का दौरा करने के बाद इस भारी नुकसान की पुष्टि की. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है. वहीं आम आदमी पार्टी ने साजिश की अशंका जताते हुए कहा है कि इस तरह से 4 हजार इवीम का ऐसे जल जाना कोई सामान्य बात नहीं हैं.

Kolkata EVM Fire : चौथी, पांचवीं मंजिल सुरक्षित…फिर नौवीं मंजिल पर कैसे पहुंची आग? 

इस अग्निकांड ने अब कई गंभीर सवालों को जन्म दे दिया है. मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री कौशिक चौधरी ने खुद इस घटना के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका जताई है.

“यह आग सामान्य नहीं लगती। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग सबसे पहले इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल पर देखी गई थी। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल पूरी तरह सुरक्षित हैं, तो फिर आग सीधे सातवीं, आठवीं और नौवीं-दसवीं मंजिल तक कैसे पहुंच गई? इस मामले में साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।” — कौशिक चौधरी, राज्यमंत्री (अग्निशमन सेवा)

मंत्री ने कहा कि वह इस पूरे रहस्य से पर्दा उठाने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

24 घंटे बाद भी सुलग रही थी इमारत, कूलिंग ऑपरेशन जारी

बुधवार को लगी इस भीषण आग की लपटें इतनी तेज थीं कि करीब 24 घंटे बीत जाने के बाद भी फायर सर्विस के कर्मचारी इसे पूरी तरह शांत करने में जुटे रहे। गुरुवार सुबह हालांकि आग की बड़ी लपटें तो शांत हो चुकी थीं, लेकिन इमारत के अंदर कुछ जगहों पर ‘पॉकेट फायर’ (आग सुलगने) की स्थिति बनी हुई थी। फायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, अंदरूनी हिस्सों में कूलिंग का काम लगातार जारी है ताकि आग दोबारा न भड़क उठे।

ADM की शिकायत पर FIR दर्ज, फोरेंसिक जांच पर टिकी नजरें

इस घटना को लेकर प्रशासनिक अमला भी सख्त रुख अपनाए हुए है. साउथ 24 परगना के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) ने अलीपुर पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है.

जांच अधिकारी फिलहाल दो मुख्य पहलुओं पर काम कर रहे हैं:

  • क्या आग शॉर्ट सर्किट (बिजली की खराबी) की वजह से लगी?

  • या फिर इसके पीछे किसी का सोची-समझी साजिश (तोड़-फोड़) का हाथ था?

फिलहाल इमारत में बाहरी लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जल्द ही फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम घटनास्थल से सैंपल इकट्ठा करेगी, जिसके बाद ही आग लगने की असली वजह साफ हो पाएगी.

शुरू हुई सियासी बयानबाजी, बीजेपी ने बताया ‘सुनियोजित साजिश’

चूंकि मामला चुनाव में इस्तेमाल हुई EVM से जुड़ा है, इसलिए इस पर सियासत गरमाना तय था. घटना के सामने आते ही विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें तोड़-फोड़ और गड़बड़ी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. वहीं, बीजेपी नेता राकेश सिंह ने सीधा आरोप लगाते हुए इसे एक ‘सुनियोजित साजिश’ करार दिया है. हालांकि, जांच अधिकारियों का कहना है कि राजनीतिक बयानों से अलग, किसी भी ठोस नतीजे पर केवल फोरेंसिक जांच और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर ही पहुंचा जाएगा.

फिलहाल, अधिकारी इस बात का भी आकलन कर रहे हैं कि इमारत में मौजूद अन्य सरकारी रिकॉर्ड्स और बुनियादी ढांचे को कितना नुकसान पहुंचा है .

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