Thursday, January 22, 2026

करुर भगदड़ के लिए विजय थलपति जिम्मेदार, TVK के तीन नेताओं पर नामजद केस दर्ज

TN Karur Stampede :  27 सितंबर यानी बीते शनिवार को तमिलनाडु के करुर में हुई रैली के दौरान  भगदड़ में मरने वालों के संख्या 41 हो गई है. 60 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं. कई लोगो की हालत नाजुक है. इस मामले में तमिलनाडु पुलिस ने टीवीके के तीन सदस्यों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है.

TN Karur Stampede:विजय का देर से पहुंचना बना हादसे की वजह : पुलिस 

तमिलनाडु पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है उसके मुताबिक  वेलुसामीपुरम में तमिल एक्टर विजय की रैली में भगदड़ की वजह उनका रैली स्थल पर देर से पहुंचना था. विजय देर से रैली स्थल पर पहुंचे और काफी देर तक अपनी गाड़ी में ही बैठे रहे, जिसके कारण नेता का इंतजार कर रही भीड़ में बेचैनी और हलचल बढ़ गई और लोग बेकाबू होने लगे.

पुलिस ने एक्टर विजय पर कोई केस दर्ज नहीं किया है लेकिन उनकी पार्टी टीवीके के तीन बड़े नेताओं—मथियाझगन (करूर उत्तर जिला सचिव), बुस्सी आनंद (राज्य महासचिव) और निर्मल कुमार (उप महासचिव) के खिलाफ नामदज एफआईआर किया है

वेलुसामीपुरम में हुई ये घटना हाल के वर्षों की सबसे बड़ी राजनीतिक त्रासदियों में से एक है.60 से अधिक लोग अस्पताल मे भर्ती हैं, और इनमे के कई लोगों की हालत बेहद नाजुक है.

TN Karur Stampede
TN Karur Stampede

करुर में कैसे हुआ हादसा ?

रैली में भगदड़ की घटना को हुए 48 घंटों से ज्यादा का समय बीत गया है. राजनीतिक पार्टियों के  आरोप- प्रत्यारोपों का दौर जारी है. इस बीच घटना के कारणों के लेकर एक नया विवाद सामने आया है. बताया जा रहा है कि रैली के दौरान जब हजारों लोगों की भीड़ वहां जमा थी , तब अचनाक बिजली की आपूर्ति रोक दी गई , जिसके कारण कई जगहो पर अंघेरा हो गया और लोग बेकाबू हो गये. एक्टर थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) का आरोप है कि शनिवार शाम को जब उनकी रैली का कार्यक्रम चल रहा था तभी 7 बजे से लेकर 7:30 बजे के बीच करीब आधे घंटे तक बिजली की आपूर्ति रोक दी गई, जिससे अफरातफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई.

आरोपों को स्टालिन सरकार ने किया खारिज

बिजली कटौती के आरोपों को तमिलनाडु की सरकार ने खारिज कर दिया है. आरोपों की जांच कर रही फैक्ट-चेक टीम के मुताबिक उन्होने पाया कि रैली के दौरान कहीं भी बिजली की कटौती नहीं की गई थी. कुछ जगहो पर रौशनी की दिक्कत हुई क्योंकि जेनरेटर के कारण थोड़ी समस्या हुई थी . कुछ स्थानो पर रौशनी मंद हो गई थी. सरकार ने माना कि भीड़ को खतरे वाली जगहों से हटाने के लिए कुछ समय के लिए कुछ स्थानों से रौशन कम की गई थी लेकिन विजय के रैली कार्यक्रम के दौरान बिजली की कोई कटौती नहीं की गई थी.

TVK ने की CBI जांच की मांग

इस भीषण दर्दनाक घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोपों प्रत्यारोपों का दौर जारी है. एक तरफ जहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घटना स्थल का दौरा किया और पीडितों से मुलाकात की , वहीं बीजेपी लगातार राहुल गांधी के देश में ना होने को लेकर मुद्दा बना रही है. इस बीच TVK ने इस घटना को साजिश करार देते हुए सीबीआई जांच की मांग की है. राज्य में विपक्षी पार्टी बीजेपी ने स्टालिन की डीएमके सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. घटना का जायजा लेने के लिए अब बीजेपी की 8 सदस्यीय़ टीम करुर जायेगी. इस टीम में सांसद हेमा मालिनी, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, सासंद तेजस्वी सूर्या , संसद ब्रज लाल, सांसद श्रीकांत शिंदे , सासंद  अपराजिता सारंगी, सासंद  रेखा शर्मा , पुत्ता महेश कुमार शामिल हैं.  

 न्यायिक आयोग ने की जांच शुरू

इस बीच घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार इसकी जांच के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग बनाया है.आयोग ने अपना काम शुरु कर दिया है. आयोग के सदस्य पीडित परिवारों से मिल रहे हैं और घटना के कारणों के बारे में पता लगा रहे हैं. जांच आयोग के सदस्यों ने अस्पताल में जाकर पीडितों से बात की है.

Latest news

Related news