I-PAC ED Raid : कोलकाता में एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापा मारा है. इस बात की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी तत्काल I-PAC के दफ्तर पर पहुंची और आरोप लगाया कि ईडी की टीम इस दफ्तर से TMC के दस्तावेज चुराने आई है..
#WATCH | Kolkata | On the ED raids at the IPAC office in Kolkata, West Bengal CM Mamata Banerjee says, “At 4 PM today, we will all the TMC workers will hold a protest in every ward, every block against this. Those who are involved in the SIR work will do their work and the rest… pic.twitter.com/d6xoK6tRSW
— ANI (@ANI) January 8, 2026
I-PAC ED Raid : अमित शाह का यही काम है ?- ममता बैनर्जी
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि उन्होंने दस्तावेज इकट्ठा करने ED की टीम को भेजा है. I-PAC के दफ्तर के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होने सवाल किया कि “क्या पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवारों की सूची इकट्ठा करना ED और अमित शाह का काम है?… ये निकम्मे गृह मंत्री, जो देश की रक्षा नहीं कर सकते, मेरी पार्टी के सारे दस्तावेज़ ले जा रहे हैं. अगर मैं भाजपा के पार्टी कार्यालय पर छापा मारूँ तो क्या होगा?”
कौन है प्रतीक जैन और उनकी फर्म IPAC ?
दरअसल IPAC एक प़ॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म है,जिसकी शुरुआत प्रशांत किशोर यानी पीके ने की थी. प्रशांत किशोर के राजनीतिक दल में चले जाने के बाद इस फर्म के संचालन की जिम्मेदारी प्रतीक जैन की है. IIT बॉम्बे से पढे और स्कॉलर प्रतीक जैन चुनावी रणनीति में दिग्गज माने जाते हैं. प्रतीक जैन IPAC के शुरुआती निदेशकों में से एक हैं. 2019 लोकसभा चुनावों के बाद से ही I-PAC तृणमूल कांग्रेस के साथ काम कर रहा है. माना जाता है कि 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों में टीएमसी को भारी जीत दिलाने में I-PAC का बड़ा योगदान था और अब बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए टीएमसी ने इस फर्म को चुनावी राजनीति बनाने का ठेका दिया है.
I-PAC दफ्तर क्यों पहुंची ईडी ?
बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय बंगाल में हुए कोयला चोरी घोटाले के दौरान हुए मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहा है. आरोप हैं कि मनी लॉंड्रिंग का पैसा I-PAC फर्म तक भी पहुंचा था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक कोयला घाटाले का आरोपी अनूप मांझी और उनके साथियों ने कोयला चोरी से मिले पैसे को गोवा चुनाव में खर्च करवाया.2022 के गोवा विधानसभा चुनाव में भी I-PAC ने ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रचार के लिए काम किया था और इसके एवज में अनूप मांझी ने कोयला चोरी से मिला पैसा I-PAC को दिया था.
दावा है कि इसी घोटाले से संबंधित कागजात के लिए ईडी की टीम ने I-PAC के दफ्तर पर छापा मारा और कई दस्तावेज जब्त भी किये हैं.
इडी की रेड के दौरान सीएम ममता बैनर्जी I-PAC के दफ्तर से एक फाइल के साथ निकली और आरोप लगाया कि ईडी की टीम यहां दस्तावेज चुराने आई है.ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नास्टी और नॉटी यानी शरारती होम मिनिस्टर बताया. ममता बैनर्जी के सामने I-PAC के दफ्तर से कई फाइलें उठाकर सीएम के काफिले में आई गाड़ी में रखा गया.

