Wednesday, January 14, 2026

Electoral Bond case: नरेंद्र मोदी के ‘चंदे के धंधे’ की पोल खुलने वाली है!-राहुल गांधी, आप ने पूछा- सच कब तक छुपायेगी Modi सरकार?

सोमवार को चुनावी बॉन्ड मामले Electoral Bond case में सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरना शुरु कर दिया है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बैंच ने एसबीआई को मंगलवार शामतक डाटा जारी करने के आदेश दिए है. जिसके बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि, 100 दिन में स्विस बैंक से काला धन लाने का वायदा कर सत्ता में आई सरकार अपने ही बैंक का डेटा छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सिर के बल खड़ी हो गई.

चंदा दो- धंधा लो, चंदा दो- प्रोटेक्शन लो! -राहुल गांधी

सुप्रीम कोर्ट के एसबीआई को फटकार लगाने के बाद कांग्रेस सांसद राहु गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक ट्वीट कर कहा, “नरेंद्र मोदी के ‘चंदे के धंधे’ की पोल खुलने वाली है! 100 दिन में स्विस बैंक से काला धन लाने का वायदा कर सत्ता में आई सरकार अपने ही बैंक का डेटा छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सिर के बल खड़ी हो गई. Electoral Bonds भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला साबित होने जा रहा है, जो भ्रष्ट उद्योगपतियों और सरकार के नेक्सस की पोल खोल कर नरेंद्र मोदी का असली चेहरा देश के सामने लेकर आएगा. क्रोनोलॉजी स्पष्ट है – चंदा दो- धंधा लो, चंदा दो- प्रोटेक्शन लो! चंदा देने वालों पर कृपा की बौछार और आम जनता पर टैक्स की मार, यही है भाजपा की मोदी सरकार.”

Electoral bond का सच कब तक छुपायेगी Modi सरकार?-आप

वहीं आम आदमी पार्टी ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर पूछा है कि. Electoral bond का सच कब तक छुपायेगी Modi सरकार? आप ने पोस्ट में लिखा, “SBI के ज़रिए Electoral bond का सच कब तक छुपायेगी Modi सरकार? BJP-Modi को ये डर सता रहा है कि अगर सच सामने आ गया तो जनता को पता चल जाएगा कि Electoral Bond के ज़रिए इन्होंने कितना बड़ा भ्रष्टाचार किया है!”

सवाल यह है कि वह सार्वजनिक हो पाएगा कि नहीं-अखिलेश यादव

हलांकि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी इस बात का यकीन नहीं है कि इलेक्टोरल बॉन्ड का सच सामने आ पाएगा. अखिलेश ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, “पूरे देश की जनता को इस बात की खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से कम से कम वह सूची आ जाएगी जिससे पता लग जाएगा कि इलेक्टोरल बॉन्ड किसने दिए है, सवाल यह है कि वह सार्वजनिक हो पाएगा कि नहीं.”

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार तक डाटा जारी करने के दिए आदेश

आपको बता दें, सोमवार 11 मार्च को Electoral Bond Case में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चुनावी बॉन्ड से जुड़ी जानकारी देने के लिए समय सीमा बढ़ा कर 30 जून करने की अपील को खारीज कर दिया. कोर्ट ने एसबीआई से 12 मार्च यानी कल सभी डाटा चुनाव आयोग को देने और चुनाव आयोग को उस डाटा तो अपनी वैब साइट पर डालने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने बैंक से पूछा की आपको दिक्कत कहा आ रही है. कोर्ट ने कहा आपके पास तो सील बंद लिफाफा है अब इसे खोले और डाटा उपलब्ध कराए.
इसके साथ ही कोर्ट ने स्टेट बैंक से कहा कि अगर कल शाम तक वो डाटा मुहैया नहीं कराएगी तो उसपर अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है.

ये भी पढ़ें-Electoral Bond Case: सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा-SBI कल (12 मार्च) तक जारी करें डाटा…

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