EC Electoral Bond : चुनाव आयोग ने जारी किया इलेक्टोरल बॉंड के नाम पर चंदा देने वालों की लिस्ट , जानिये SBI के जरिये किसने किसको कितना चंदा दिया..

 

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एसबीआई ने जो लिस्ट चुनाव आयोग को सौंपी थी उसे चुनाव आयोग ने सार्वजनिक कर दिया है. चुनाव आयोग ने EC Electoral Bond से संबंधित सारी जानकारी अपने वेबसाइट पर डाल दिया है. आप यहां जाकर देख सकते हैं कि किस राजनीतिक पार्टी को किसने कितना और कब कब इलेक्टोरल बॉंड के नाम पर कितना चंदा दिया है.

https://www.eci.gov.in/candidate-politicalparty

चुनाव आयोग के इस कदम के बाद अब सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में शुक्रवार को इस पर एक बार फिर से सुनवाई होगी. चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में चुनावी बांड मामले में याचिका दायर की थी.चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर किया है जिसमें कहा गया था कि 11 मार्च को दिये आदेश मे संशोधन की मांग की गई थी. चुनाव आयोग के आवेदन में आदेश के ऑपरेटिव पार्ट में संशोधन की मांग की गई है.हलांकि चुनाव आयोग ने क्या संसोधन की मांग की है इसकी जानकारी बाहर नहीं आई है.

चुनाव आयोग ने अपन बेवसाइट पर चुनावी बैंड संबंधित जो डेटा उपलब्ध कराया है उसमें 12 अप्रैल 2019 के बाद के डेटा हैं. इसमें एक हजार रुपये से लेकर करोड़ों तक के चुनावी बांड तक जानकारी दी गई है. चुनाव आयोग ने जो डेटा जारी किया है वो कंपनियो के द्वारा खरीदे गये बांड को दर्शाता है.

 देखिये वो लिस्ट जिसमें किसने किस पार्टी को कितना चंदा दिया है…इस लिंक को क्लीक करके देखें पूरी लिस्ट. 

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लिस्ट के सार्वजनिक होने के बाद कई कंपनियों और प्रतिष्ठानों पर सवाल उठ रहे हैं कि इतना बड़ा चंदा आखिर एक राजनीतिक पार्टी को कौन दे रहा है.देखिये

इलेक्टोरल बॉंड का सबसे बड़ा लाभार्थी कौन ?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने जो डेटा जारी किया है उसकी सबसे बड़ी लाभार्थी बीजेपी है. बीजेपी को कुल इलेक्टोरल बांड का 46.74 प्रतिशत यानी 11562.5 करोड़ , तृणमूल कांग्रेस को 13 प्रतिशत यानी 3214.7628 करोड़ , कांग्रेस को 11.39 प्रतिशत यानी 2818 करोड़ की राशि मिली है. नीचे देखिये पूरी लिस्ट

क्वीक सप्लाई नाम की कंपनी ने खरीदे 410 करोड़ के बांड 

क्वीक सप्लाई नाम की कंपनी ने 410 करोड़ का इलेक्टोरल बांड खऱीदा है. आखिर इसतनी बड़ी रकम किस पार्टी को दी गई ? कौन है ये कंपनी जिसने किसी राजनीतिक दल को 410 करोड़ का चंदा दिया है.

टीवी पत्रकार और फिल्म निर्देशक  विनोद कापड़ी ने का ट्वीट- मीडिया ग्रुप TV9 ने 980 करोड़ का इलेक्टोरल बांड खरीदा.

मेघा इंजीनियरिंग ने 11 मार्च 2023 को 100 करोड़ का इलेक्टोरल बांड खरीदा, आखिर किस पार्टी को दी गई इतनी बड़ी रकम…  

18 अगस्त 2022 को सीरम इस्टीट्यूट ने 50  करोड़ का इलेक्टोरल बांड खरीदा….

टीवी पत्रकार विनोद कापड़ी लिखते हैं कि जिन MEIL पर एक लाख करोड़ के घोटाले का आरोप है, उसने 980 करोड़ का चुनाव चंदा किस पार्टी को दिया ? सुप्रीम कोर्ट को ये आदेश देना चाहिये कि किस पार्टी को चंदा मिला है वो बताना चाहिये.

पूजा बत्रा नाम की सोशल मीडिया यूजर पूछ रही हैं कि जिससकंपनी के नेटवर्थ 500 करोड़ की है वो कंपनी 2000 करोड़ का चंदा कैसे दे सकती हैै. पूजा बत्रा गेमिंग कंपनी फ्यबचर गेमिंग और होटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की बात कर रही है.वहीं गोविंद प्रताप सिंह एक चंदे को पाकिस्तान से जोड कर देख रहे हैं.

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