इस्लामाबाद में ‘शांति’ वार्ता शुरु,ट्रंप बोले-‘जल्द पता चल जाएगा कि कितना ईमानदार है ईरान’

US-Iran Talks Begin  : ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद अब शांति की उम्मीदें पाकिस्तान की धरती से परवान चढ़ती दिख रही हैं.  पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका, ईरान और मेजबान पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय वार्ता का आगाज हो गया है. यह उच्च स्तरीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हालिया संघर्ष के बाद क्षेत्र में सीजफायर को स्थायी बनाने की कोशिशें अपने चरम पर हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि आधिकारिक तौर पर बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

US-Iran Talks Islamabad से बनेगी बात, मिडिल इस्ट में होगी शांति ? 

इस बेहद संवेदनशील और रणनीतिक वार्ता का मुख्य एजेंडा युद्ध को पूरी तरह समाप्त करना और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को लेकर एक ठोस सहमति बनाना है. सूत्रों की मानें तो इस राउंड टेबल मीटिंग में भविष्य के सुरक्षा ढांचे पर भी गहन मंथन किया जा रहा है. पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है.

ट्रंप के सबसे भरोसेमंद लोग वार्ता में हुए शामिल  

बैठक की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और राष्ट्रपति के करीबी सलाहकार जेयर्ड कुशनर शामिल हैं. वहीं ईरान की ओर से बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपनी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. पाकिस्तान की ओर से इस बैठक में सैन्य नेतृत्व और आसिम मुनीर की मौजूदगी रणनीतिक स्थिरता की दिशा में बड़े संकेत दे रही है.

 वार्ता से पहले ट्रंप ने किया सोशल  मीडिया पर पोस्ट

वार्ता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तेवर हमेशा की तरह सख्त और स्पष्ट नजर आया. तेल आपूर्ति पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा कि दुनिया के बड़े समुद्रों में कई जहाज अमेरिका की ओर तेल लोड करने के लिए आ रहे हैं और उनके पास ऊर्जा संसाधनों की कोई कमी नहीं है. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर उन्होंने भरोसा जताया कि यह बहुत दूर नहीं है और जल्द ही इसे खोल दिया जाएगा. हालांकि, कूटनीतिक बातचीत के बीच भी ट्रंप ने ईरान पर निशाना साधने में कसर नहीं छोड़ी और उसे एक ‘विफल देश’ करार दिया.

वार्ता के बीच भी ट्रंप ने दिखाया सख्त तेवर

जब ट्रंप से यह सवाल पूछा गया कि क्या ईरान इस बातचीत में पूरी ईमानदारी दिखा रहा है, तो उन्होंने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया कि इसका पता बहुत जल्द चल जाएगा और इसमें ज्यादा वक्त नहीं लगेगा. बातचीत के भविष्य को लेकर ट्रंप ने साफ किया कि वह फिलहाल किसी भी नतीजे को लेकर सुनिश्चित नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जो होगा देखा जाएगा, अन्यथा अमेरिका फिर से शुरुआत करने के लिए तैयार है. ट्रंप के इन बयानों से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका एक तरफ शांति की मेज पर बैठा है, तो दूसरी तरफ ‘मैक्सिमम प्रेशर’ की अपनी रणनीति को भी बैकअप के तौर पर साथ लेकर चल रहा है.


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