धार भोजशाला विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट: सिंघवी बोले-‘आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा कर देगी

Dhar Bhojshala Case नई दिल्ली : मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि “आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा कर देगी”, इसलिए इस संवेदनशील धार्मिक विवाद में सौहार्द और संतुलन बनाए रखना जरूरी है. वहीं, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि अदालत इस मामले में नोटिस जारी करना चाहती है और सभी पक्षों की सुविधा के अनुसार जल्द विस्तृत सुनवाई की जाएगी.

Dhar Bhojshala Case : हाईकोर्ट के आदेश पर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति

मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने दलील दी कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद पहले से चली आ रही व्यवस्था बदल दी गई. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को धार्मिक गतिविधियों से पूरी तरह बाहर कर दिया गया और उन्हें समय रहते सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का अवसर भी नहीं मिला.

‘700 साल से नमाज होती रही, पूजा भी साथ होती थी’

अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में कहा कि किसी भी ऐतिहासिक स्थल को लेकर अलग-अलग दावे हो सकते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुतुब मीनार और ताजमहल को लेकर भी समय-समय पर विभिन्न दावे सामने आते रहे हैं.

सिंघवी ने तर्क दिया कि धार भोजशाला में करीब 700 वर्षों तक नमाज अदा की जाती रही और ब्रिटिश काल के दस्तावेज भी इसका उल्लेख करते हैं. उन्होंने कहा कि यहां नमाज के साथ बसंत पंचमी और मंगलवार को पूजा की व्यवस्था धार्मिक सौहार्द का एक अच्छा उदाहरण थी और इस व्यवस्था को बनाए रखा जाना चाहिए था.

1995 के समझौते का भी दिया हवाला

मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने अदालत को बताया कि 1995 में दोनों पक्षों के बीच एक सहमति बनी थी, जिसके तहत धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से जारी रहती थीं.

उन्होंने कहा कि इस लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था को अचानक बदलना उचित नहीं था. अरोड़ा ने दलील दी कि परिसर में करीब 800 साल पुरानी मस्जिद मौजूद है और वहां नमाज पर रोक लगाना अत्यंत कठोर कदम है.

CJI बोले- सभी पक्षों को सुनकर होगी विस्तृत सुनवाई

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मामला संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। अदालत सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जल्द ही विस्तृत सुनवाई करेगी, ताकि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिल सके।

क्या है धार भोजशाला विवाद?

धार की भोजशाला को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है. हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी (सरस्वती) का प्राचीन मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है. पूजा और नमाज के अधिकार को लेकर यह मामला वर्षों से अदालतों में विचाराधीन है. फिलहाल, इस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और उसके फैसले पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं.

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