Thursday, February 12, 2026

Loksabha में दिल्ली सेवा बिल पास, गृहमंत्री अमित शाह का बयान-2024 में आयेंगे तो मोदी ही.

दिल्ली   लोकसभा (Loksabha) में दिल्ली सेवा बिल पास हो गया है. Loksabha में बिल पर वोटिंग से पहले विपक्ष ने वाकआउट किया .बिल पर वोटिंग से पहले Loksabha में आम आदमी पार्टी के एकमात्र सांसद सुशील कुमार रिंकू को आसन का अपमान करने के मामले में पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया.

दिल्ली सेवा बिल को Loksabha में गृहमंत्री शाह ने पटल पर रखा

बिल पास होने से पहले लोकसभा में सेवा बिल (Delhi ordinance) पर चर्चा हुई. चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने सदन के सामने तथ्य रखे कि किस तरह से केंद्र सरकार दिल्ली के लिए कानून बनाने का अधिकार रखती है. इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. उन्होने विपक्ष को घेरते हुए एलायंस बनाने पर तंज करते हुए कहा कि चाहे जो कर लो  2024 मे जीत कर आयेंगे तो मोदी ही …

केंद्र को दिल्ली के लिए कानून बनाने का अधिकार – अमित शाह

गृहमंत्री शाह ने संविधान के अनुच्छेदों का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान में ये प्रावधान है जो केंद्र को दिल्ली के लिए कानून बनाने का अधिकार देते हैं.गृहमंत्री शाह ने कहा कि विपक्ष बिल को लगातार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बता रहा है जबकि ऐसा नहीं है. विपक्ष आदेश का केवल वो हिस्सा पढ़ रहा है जो वो पढ़ना चाहता है, आगे सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया है वो नहीं पढ़ा . सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में ये भी लिखा है कि संसद दिल्ली राजधानी के लिए कोई भी कानून बना सकता है .

कोई भी गठबंधन बना लें, Loksabha 2024 में आयेंगे तो मोदी ही

गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में एक बार फिर से कहा कि विपक्ष एलायंस बना रहा है लेकिन कोई भी एलायंस बना लें, 2024 में जातकर आयेंगे तो मोदी ही

Loksabha में गृहमंत्री शाह का दिल्ली सीएम केजरीवाल का तंज

साल 2015 में दिल्ली मे खएक ऐसी पार्टी की सरकार आई जिसका मकसद केवल लड़ना था, सेवा करना नहीं. यहां मामला ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार पाने का नहीं है बल्कि इसके माध्यम से अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए विजिलेंस डिपार्टमेंट पर नियंत्रण हासिल करना था. जैसे अपने लिए बंगले बनाना आदि

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 राज्यसभा में दिल्ली सेवा बिल होगा पास ?

दिल्ली सरकार के अधिकारों पर नियंत्रण लगाने वाले दिल्ली सेवा बिल को लेकर कई विपक्षी दल केजरीवाल सरकार के समर्थन में और केंद्र सरकार के विरोध में है,लेकिन जहां तक संख्या बल का सवाल है लोकसभा में सरकार के पास 543 सांसदों में 353 सांसद हैं वहीं विपक्ष के पास केवल 153 सासंद है. ऐसे में यो तो तय था कि लोकसभा में बिल के पास होन पर कोई संदह नही थास लोकिन राज्यसभा को लेकर दिल्ली सरकार को उम्मीद थी. लेकिन अब वो उम्मीद भी खत्म होने के कगार पर है. आंध्र प्रदेश के जगन मोहन रेड्डी की वायएसआरसीपी (YSRCP)  और उडीसा के नवीन पटनायक की पार्टी जेडीएस (JDS) के समर्थन के बाद केंद्र सरकार के पास  बिल को पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या में सासदों क समर्थन हासिल है .

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