Delhi Police ISI Network : नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बेहद सनसनीखेज और खतरनाक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए देश की सुरक्षा के खिलाफ रची जा रही बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) समर्थित मॉड्यूल के 11 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है. यह नेटवर्क ना केवल देश के संवेदनशील इलाकों की जासूसी कर रहा था, बल्कि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की भी फिराक में था.
Delhi: Delhi Police Special Cell Addl CP Pramod Singh Kushwah says, “Two teams of the Special Cell have busted a network in which Pakistan’s ISI, along with an Ambas Of BKI, were allegedly involved in installing CCTV cameras at several sensitive locations in the country and were… pic.twitter.com/3kcphPxd5e
— IANS (@ians_india) April 10, 2026
Delhi Police ISI Network:सुरक्षा एजेंसियों पर नजर रखने की साजिश का फंडाफोड़
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में सुरक्षा प्रतिष्ठानों और रक्षा संस्थानों के पास सोलर-पावर्ड CCTV कैमरे लगा रहे थे. ये कैमरे एन्क्रिप्टेड मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को लाइव फुटेज सीधे भेज रहे थे. पुलिस ने पहले ऑपरेशन के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार कर नौ ऐसे हाई-टेक कैमरे बरामद किए हैं. इसके अलावा, आरोपियों के पास से तीन विदेशी निर्मित PX5 पिस्तौल, एक देसी पिस्तौल और 24 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं.
सेना और अर्धसैनिक बलों की ठिकानों की कर रहे थे रेकी
इस मॉड्यूल की जड़ें गहरी हैं और इसका वित्तपोषण UPI लेनदेन के साथ-साथ अवैध हथियारों की तस्करी के जरिए किया जा रहा था. मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली गुप्त सूचना के आधार पर पंजाब में चलाए गए दूसरे ऑपरेशन में पांच और संदिग्धों को पकड़ा गया. ये लोग विशेष रूप से सेना और अर्धसैनिक बलों के ठिकानों की रेकी करने और वहां की तस्वीरें व वीडियो सरहद पार साझा करने के लिए जिम्मेदार थे.
ISI नेटवर्क में युवाओं को जोड़ने का मिशन
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क देश के युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें आतंकी गतिविधियों, जासूसी और तस्करी के दलदल में धकेलने का काम कर रहा था. गिरफ्तार किए गए आरोपी सुरक्षा संस्थानों पर ग्रेनेड हमले करने की योजना भी बना रहे थे, जिसे पुलिस की मुस्तैदी ने समय रहते विफल कर दिया. गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व गाजियाबाद में भी इसी तरह के एक मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ था, जिससे संकेत मिलते हैं कि दुश्मन देश भारत की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए ‘डिजिटल जासूसी’ का सहारा ले रहा है. फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है.

