दिल्ली की महिलाओं के 2500 रुपये कहां गए? लक्ष्मी योजना पर कांग्रेस ने रेखा सरकार को घेरा

Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली में महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने के वादे को लेकर सियासत तेज हो गई है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि आखिर महिलाओं के खातों में लक्ष्मी योजना की रकम कब पहुंचेगी?

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने योजना के तहत लाभार्थियों को अनुमोदन पत्र तो बांटे,लेकिन आर्थिक सहायता की पहली किस्त का भुगतान अब तक नहीं हुआ है. पार्टी ने इसे विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे और उसके क्रियान्वयन के बीच का अंतर बताया है.

देवेंद्र यादव ने कहा कि दिवाली तक भी महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि नहीं पहुंचना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है. उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से योजना के भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.

रक्षाबंधन पर हुई थी घोषणा,पहली किस्त का भुगतान अब भी सवालों के घेरे में

देवेंद्र यादव ने योजना की शुरुआत से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 27 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई थी.

उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पहले चरण में 2500 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से अनुमोदन पत्र वितरित किए थे. योजना के शुरुआती लॉन्च कार्यक्रम में 4190 पात्र लाभार्थियों के अनुमोदन पत्र जारी किए जाने की बात भी कही गई थी.

कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, उस समय सरकार ने पात्र महिलाओं के पंजीकृत बैंक खातों में 1 सितंबर 2026 को 2500 रुपये की पहली मासिक किस्त भेजने का वादा किया था.

हालांकि, कांग्रेस का दावा है कि भुगतान की निर्धारित तारीख बीत जाने के बावजूद महिलाओं को सहायता राशि नहीं मिली है। यादव ने सवाल उठाया कि जब सरकार लाभार्थियों को मंजूरी दे चुकी थी, तो फिर भुगतान में देरी क्यों हो रही है?

9.2 लाख महिलाओं ने कराया पंजीकरण, 17 लाख को लाभ देने का दावा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि दिल्ली में लक्ष्मी योजना को लेकर पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से घोषणाएं की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.

उनके मुताबिक, 1 अगस्त 2026 को आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद 9.2 लाख से अधिक महिलाओं ने योजना के लिए पंजीकरण कराया था।

वहीं, कांग्रेस ने सरकार की ओर से योजना के तहत लगभग 17 लाख महिलाओं को लाभ देने के लक्ष्य पर भी सवाल उठाए हैं. देवेंद्र यादव का कहना है कि दिल्ली में महिलाओं की आबादी एक करोड़ से अधिक है. ऐसे में 17 लाख महिलाओं तक योजना को सीमित रखना चुनाव के दौरान किए गए वादे से अलग है.

लक्ष्मी योजना के लिए क्या रखी गई हैं पात्रता की शर्तें?

योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए महिलाओं के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं. कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पात्रता के प्रमुख मानक इस प्रकार हैं:

  • आवेदिका की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए.

  • महिला दिल्ली की स्थायी निवासी होनी चाहिए.

  • परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए.

  • सरकारी कर्मचारियों, आयकरदाताओं और पेंशनभोगियों को योजना से बाहर रखा गया है.

इन शर्तों के आधार पर महिलाओं के आवेदनों की जांच और पात्रता का निर्धारण किया जाना है. कांग्रेस ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र महिलाओं की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए हैं.

2500 रुपये में से 1500 रुपये आरडी या एफडी में रखने की व्यवस्था पर सवाल

देवेंद्र यादव ने लक्ष्मी योजना के तहत प्रस्तावित भुगतान व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई है.

उनके अनुसार, योजना में हर महीने मिलने वाली 2500 रुपये की राशि में से 1500 रुपये तीन साल के लिए सरकार के पास आरडी या फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखे जाने थे, जबकि शेष 1000 रुपये डिजिटल वॉलेट के माध्यम से दिए जाने थे.

कांग्रेस अध्यक्ष ने आशंका जताई कि इस व्यवस्था के कारण आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने घोषित 2500 रुपये की पूरी राशि तत्काल खर्च करने के लिए उपलब्ध नहीं हो पाएगी.

उनका कहना है कि जिन महिलाओं को घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता की उम्मीद है, उनके लिए भुगतान की यह व्यवस्था राहत के उद्देश्य को सीमित कर सकती है.

हालांकि, योजना के तहत राशि जमा करने और भुगतान से जुड़ी शर्तों की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है.

पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार लाखों आवेदन प्राप्त होने और अनुमोदन प्रक्रिया पूरी करने की बात तो कह रही है, लेकिन योजना के लाभार्थियों के चयन और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.

उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि कितनी महिलाओं के आवेदन स्वीकृत हुए हैं, कितनी महिलाओं को पहली किस्त मिल चुकी है और बाकी लाभार्थियों को भुगतान कब तक किया जाएगा.

कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी सरकार पर योजना का दायरा सीमित रखने और महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के वादे को पूरा करने में देरी करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि गरीबों और महिलाओं के हितों की बात करने वाली सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता मिले.

महंगाई और बेरोजगारी के बीच महिलाओं को आर्थिक सहायता का इंतजार

देवेंद्र यादव ने बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के लिए घरेलू खर्च संभालना लगातार मुश्किल होता जा रहा है.

ऐसे में हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता का वादा उनके लिए महत्वपूर्ण था. कांग्रेस का कहना है कि सरकार को इस योजना के भुगतान में देरी के कारणों को सार्वजनिक करना चाहिए और पात्र महिलाओं को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध करानी चाहिए.

यादव ने बीजेपी सरकार पर आम आदमी पार्टी की नीतियों के रास्ते पर चलने का आरोप भी लगाया. इस संदर्भ में उन्होंने ऑनलाइन शराब परोसने के मुद्दे का जिक्र करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए.

सरकार की ओर से भुगतान की स्थिति स्पष्ट होना बाकी

लक्ष्मी योजना को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बीच अब महिलाओं की नजरें दिल्ली सरकार की ओर हैं. योजना के तहत आवेदन करने वाली महिलाओं को यह जानने का इंतजार है कि उनके आवेदन की स्थिति क्या है और सहायता राशि उनके बैंक खातों में कब तक पहुंचेगी. कांग्रेस ने सरकार से योजना की प्रगति, लाभार्थियों की संख्या और भुगतान की समयसीमा सार्वजनिक करने की मांग की है.

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